अंधविश्वास में बर्बरता : ओझा-गुणी का झूठा आरोप लगाकर दबंगो ने युवक को बेरहमी से पीटा, हालत गंभीर

ग्रामीण इलाकों में डायन और ओझा-गुनी जैसी कुप्रथाओं के नाम पर लोगों को प्रताड़ित करने और जानलेवा हमला करने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। एक ऐसा ही मामला वैशाली जिले के देसरी थाना क्षेत्र से सामने आया है....

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अंधविश्वास में बर्बरता- फोटो : रिषभ कुमार

Vaishali : जिले से अंधविश्वास में बर्बरता का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां के देसरी थाना क्षेत्र अंतर्गत मुरौवतपुर गांव में ओझा-गुणी होने का आरोप लगाकर एक व्यक्ति की बेरहमी से पिटाई कर दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत 'डायल 112' पुलिस टीम को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने खून से लथपथ घायल को आनन-फानन में देसरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल रेफर कर दिया, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है।


पंचायती में जाने के दौरान पट्टीदारों ने ही घेरा, लाठी और कुल्हाड़ी से किया हमला

घायल व्यक्ति की पहचान मुरौवतपुर गांव निवासी जीतन पासवान के पुत्र रवींद्र पासवान के रूप में की गई है। अस्पताल में उपचाराधीन रवींद्र पासवान ने बताया कि उसके ही पट्टीदार पिछले दो दिनों से उस पर ओझा-गुणी होने का झूठा आरोप लगाकर लगातार गाली-गलौज और झगड़ा कर रहे थे। इस विवाद को सुलझाने के लिए शनिवार की सुबह गांव में एक पंचायती का समय भी तय किया गया था। रवींद्र जैसे ही अपने घर से निकलकर पंचायती में जाने के लिए आगे बढ़ा, तभी पहले से घात लगाए बैठे उसके पट्टीदार हरिंद्र पासवान ने अपने तीन अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर उसे दबोच लिया और लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया।


बचाने आए भतीजे को भी खदेड़ा, सिर पर बांस मारकर किया अचेत

पीड़ित के अनुसार, जब हमलावरों ने उसे बेरहमी से मारना शुरू किया तो उसने खुद को बचाने के लिए शोर मचाया। चीख-पुकार सुनकर उसका भतीजा उसे बचाने के लिए दौड़ा, लेकिन दबंग आरोपियों ने उसे भी मारपीट कर वहां से खदेड़ दिया। इसके बाद पीड़ित ने अपनी जान बचाकर भागने का प्रयास किया, लेकिन हमलावरों ने उसके सिर पर बांस के डंडे से जोरदार प्रहार कर दिया। इसी बीच एक आरोपी ने कुल्हाड़ी से जानलेवा वार किया, जिसे रोकने के प्रयास में कुल्हाड़ी उसके हाथ पर जा लगी। गंभीर चोटों और अत्यधिक खून बहने के कारण रवींद्र उसी जगह पर बेहोश होकर गिर गया।


घायल के बयान पर प्राथमिकी दर्ज, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी

इस खूनी संघर्ष और अंधविश्वास की घटना के बाद पूरे गांव में तनाव और दहशत का माहौल व्याप्त है। घटना की सूचना पाकर स्थानीय थाना पुलिस भी मामले की तफ्तीश में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों ने हाजीपुर सदर अस्पताल पहुंचकर घायल रवींद्र पासवान का बयान दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि पीड़ित के फर्दबयान के आधार पर देसरी थाने में नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस की एक टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।


समाज के माथे पर कलंक: कानून के दावों के बीच थम नहीं रहा अंधविश्वास का खेल

वैशाली में घटी यह घटना एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास के गहरे डंक को उजागर करती है। 21वीं सदी में भी ग्रामीण इलाकों में डायन और ओझा-गुनी जैसी कुप्रथाओं के नाम पर लोगों को प्रताड़ित करने और जानलेवा हमला करने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। स्थानीय बुद्धिजीवियों का कहना है कि जब तक ऐसे मामलों में त्वरित कानूनी कार्रवाई और सामाजिक जागरूकता अभियान साथ-साथ नहीं चलाए जाएंगे, तब तक निर्दोष लोग इस अंधविश्वास का शिकार होते रहेंगे।


रिषभ की रिपोर्ट