वैशाली में मवेशी चोरों का तांडव, हथियार के बल पर भैंसें लूटकर हुए फरार
Vaishali : वैशाली जिले के लालगंज नगर क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण इलाकों में मवेशी चोरों का आतंक चरम पर है। बतरौल, अगरपुर, रेपुरा और माथुरागंज जैसे गांवों में पशुपालक अब रात भर जागकर अपने मवेशियों की रखवाली करने को मजबूर हैं। ताजा घटना 7 मई 2026 की अहले सुबह की है, जहाँ बेखौफ चोरों ने एक साथ कई घरों को निशाना बनाया और विरोध करने पर पशुपालकों को हथियार दिखाकर फरार हो गए।
हथियार के बल पर लूट ले गए मवेशी
जानकारी के अनुसार, गुरुवार की अहले सुबह बतरौल और अगरपुर गांव में चोर एक मालवाहक गाड़ी और मोटरसाइकिल से पहुंचे। चोरों ने बतरौल निवासी रंजीत राय, राजू राय और अगरपुर के रंजन कुमार के दालान से भैंसों को खोलकर गाड़ी पर लाद लिया। इसी बीच आहट पाकर जब पशुपालकों की नींद खुली और उन्होंने विरोध करना चाहा, तो अपराधियों ने उन पर हथियार तान दिए। हथियार का भय दिखाकर अपराधी सराय की ओर पोझिया रास्ते से भाग निकले।
सीसीटीवी में कैद हुई चोरी की वारदात
इस पूरी घटना का सबसे अहम पहलू यह है कि चोरी की यह करतूत दालान के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में चोरों की आवाजाही और वाहन स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। वहीं, अगरपुर के ही दीपक कुमार सिंह के यहां भी चोरों ने हाथ साफ करने की कोशिश की, लेकिन दीपक ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए चोरों का डटकर मुकाबला किया और अपनी भैंस को चोरी होने से बचा लिया।
क्षेत्र में मवेशी चोरों का पुराना इतिहास
लालगंज के इन इलाकों में मवेशी चोरी की घटनाएं नई नहीं हैं। इससे पहले रेपुरा गांव में अमरनाथ ठाकुर और दिलीप सिंह समेत कई अन्य ग्रामीणों के दर्जनों मवेशी चोरी हो चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कुछ महीनों में चोरी की वारदातों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है, लेकिन अब तक किसी बड़े गिरोह का पर्दाफाश नहीं हो सका है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
पुलिस जांच में जुटी, ग्रामीणों में आक्रोश
घटना के बाद पीड़ित पशुपालकों ने लालगंज थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में ले लिया है और अपराधियों की पहचान के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। इधर, अपनी जमापूंजी खो चुके पशुपालकों में पुलिस की गश्ती को लेकर गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही चोरी की घटनाओं पर अंकुश नहीं लगाया गया और मवेशियों की बरामदगी नहीं हुई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
रिषभ की रिपोर्ट