पत्नी की प्रताड़ना से तंग पति ने बीच सड़क पर खोला मोर्चा, पुरुषों से 'शादी न करने' की किया अपील

Bihar News : वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर के राजेन्द्र चौक पर एक शख्स धरने पर बैठ पुरुषों से 'शादी न करने' की अपील कर रहा है। पढ़िए आखिर क्या है पूरा मामला....

पत्नी की प्रताड़ना से तंग पति ने बीच सड़क पर खोला मोर्चा, पु
शक्ख की युवाओंं से शादी न करने की अपील- फोटो : रिषभ कुमार

Vaishali : आम तौर पर समाज में महिलाओं के उत्पीड़न की खबरें सुर्खियां बनती हैं, लेकिन वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर के राजेंद्र चौक पर एक शख्स की व्यथा ने सबको झकझोर कर रख दिया है। मुजफ्फरपुर के पताही निवासी शैलेश कुमार हाथ में एक पोस्टर लेकर बीच सड़क पर धरने पर बैठ गए। उनके पोस्टर पर लिखा संदेश—"अगर पत्नी अच्छी मिली तो जीवन स्वर्ग, वर्ना नरक"—राहगीरों का ध्यान खींच रहा है। पीड़ित पति अपनी पत्नी और ससुराल वालों की प्रताड़ना से इस कदर टूट चुका है कि वह अब न्याय के बजाय मौत की दुआ मांग रहा है।


शादी के एक साल बाद शुरू हुआ विवाद

पीड़ित शैलेश कुमार के अनुसार, साल 2018 में उनकी शादी हाजीपुर के पोखरा मोहल्ला निवासी पिंकी से हुई थी। शुरुआती एक साल तक वैवाहिक जीवन सुखद रहा, लेकिन इसके बाद विवाद शुरू हो गया। शैलेश का आरोप है कि उनकी पत्नी उनके साथ इसलिए नहीं रहना चाहती क्योंकि उनके पास पक्का मकान और पर्याप्त पैसे नहीं हैं। उन्होंने बताया कि इस कलह के कारण उनका जीवन पूरी तरह बिखर चुका है और वह दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर हैं।


धोखाधड़ी और मारपीट के गंभीर आरोप

पीड़ित ने अपने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शादी के वक्त उनसे सच्चाई छिपाई गई और यह नहीं बताया गया कि पिंकी की यह दूसरी शादी है। शैलेश का आरोप है कि उनकी पत्नी अब तक चार बार घर से भाग चुकी है। इतना ही नहीं, विरोध करने पर पत्नी ने अपने भाइयों और मोहल्ले के लड़कों से उनकी बेरहमी से पिटाई भी करवाई। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टनरशिप में शुरू किए गए व्यवसाय (दुकान) से भी उन्हें जबरन बेदखल कर दिया गया है।


कोर्ट के बाहर समझौते में भी मिला धोखा

विवाद के समाधान के लिए शैलेश ने साल 2023 में फैमिली कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उनका आरोप है कि उस दौरान पत्नी के भाइयों ने झूठ बोलकर और दबाव बनाकर समझौता करवा लिया, लेकिन समझौते के बाद भी प्रताड़ना का सिलसिला थमा नहीं। पीड़ित का कहना है कि न्याय के लिए हर दरवाजा खटखटाने के बाद जब कोई रास्ता नहीं बचा, तो उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपना दर्द बयां करने का यह रास्ता चुना।


पुरुषों के लिए कानून की मांग

हाजीपुर की सड़कों पर बैठा यह व्यक्ति आज समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। शैलेश ने भावुक होते हुए लोगों से अपील की कि वे शादी न करें, क्योंकि पुरुषों के उत्पीड़न को सुनने वाला कोई नहीं है। इस घटना ने एक बार फिर बहस छेड़ दी है कि जहां महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई कठोर कानून और महिला आयोग मौजूद हैं, वहीं पत्नी की प्रताड़ना झेल रहे पुरुषों के लिए कानूनी संरक्षण और शिकायत निवारण का अभाव है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस पीड़ित पति की गुहार पर क्या संज्ञान लेता है।


रिषभ कुमार की रिपोर्ट