वैशाली में हाईवोल्टेज ड्रामा: चिराग पासवान के नहीं आने पर भड़के लोग, मंच पर ही मंत्रियों को सुनाई खरी-खोटी
महुआ स्थित गांधी मैदान में आयोजित बाबा चौहरमल कार्यक्रम में चिराग पासवान के इंतजार में घंटों बैठे कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उनके न आने की खबर सुनकर आक्रोशित हो गए। इस दौरान बिहार सरकार के कई मंत्रियों को लोगों के भारी गुस्से का सामना करना पड़ा...
Vaishali : वैशाली जिले के महुआ स्थित गांधी मैदान में आयोजित बाबा चौहरमल कार्यक्रम उस समय हंगामे की भेंट चढ़ गया, जब मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान कार्यक्रम में शामिल होने नहीं पहुंचे। चिराग पासवान के इंतजार में घंटों बैठे कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उनके न आने की खबर सुनकर आक्रोशित हो गए। इस दौरान वहां मौजूद बिहार सरकार के मंत्रियों को लोगों के भारी गुस्से का सामना करना पड़ा और मंच पर ही कार्यकर्ताओं ने उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई।
लाखों की लागत से एक महीने तक बना रहा पंडाल
ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं का आरोप था कि यह कार्यक्रम विशेष रूप से चिराग पासवान के आने की पुष्टि के बाद ही एक महीने के लिए टाला गया था। महुआ के गांधी मैदान में पिछले एक महीने से भव्य पंडाल बना हुआ था, जिस पर आयोजकों के लाखों रुपये खर्च हुए थे। लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर केंद्रीय मंत्री को नहीं आना था, तो कार्यक्रम को एक महीने आगे बढ़ाने की आवश्यकता नहीं थी। समय की बर्बादी और भारी आर्थिक नुकसान को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी उबाल देखा गया।
कैबिनेट मीटिंग का हवाला देते नजर आए मंत्री
कार्यक्रम में बिहार सरकार के तीन मंत्री लखिंदर पासवान, जनक पासवान (संजय पासवान) और संजय सिंह शामिल होने पहुंचे थे। हंगामे के बीच दो मंत्री कार्यक्रम खत्म होने से पहले ही निकल गए, लेकिन स्थानीय विधायक और मंत्री संजय सिंह वहां मौजूद रहे। जब कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया, तो मंत्री मंच से ही माइक थामकर लोगों को समझाते नजर आए। उन्होंने सफाई दी कि दिल्ली में अचानक केंद्रीय कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक होने के कारण चिराग पासवान महुआ नहीं पहुंच सके।
मंच पर ही मंत्रियों से हुई तीखी बहस
मंत्री संजय सिंह के समझाने के बावजूद लोग शांत होने को तैयार नहीं थे। गुस्से से लाल कार्यकर्ताओं ने मंत्री से सीधे सवाल किया कि "जब चिराग पासवान को नहीं आना था, तो उन्होंने समय क्यों दिया?" कार्यकर्ताओं का कहना था कि उन्हें एक महीने तक धोखे में रखा गया। काफी देर तक मंच पर ही मंत्री और नाराज कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और तकरार चलती रही। मंत्री लगातार यह कहते रहे कि व्यस्तता के कारण कार्यक्रम में बदलाव हुआ है, लेकिन भीड़ के आक्रोश के आगे उनकी दलीलें बेअसर साबित हुईं।
असमय समाप्त हुआ कार्यक्रम, मायूस लौटे लोग
काफी देर तक चले हंगामे और नारेबाजी के बाद मंत्री संजय सिंह भी कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए। उनके जाने के बाद भी मैदान में कुछ देर तक गहमागहमी बनी रही। अंततः, माहौल बिगड़ता देख आयोजकों ने असमय ही कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा कर दी। दूर-दराज से अपने नेता की एक झलक पाने आए लोग काफी मायूस दिखे और शासन-प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए वापस लौट गए। इस घटना ने क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाओं को गर्म कर दिया है।
रिषभ की रिपोर्ट