नीट परीक्षा में 'सॉल्वर गैंग' का बड़ा खुलासा, बायोमेट्रिक जांच में पकड़ा गया फर्जी परीक्षार्थी

वैशाली जिले में नीट परीक्षा के दौरान एक फर्जी परीक्षार्थी पकड़ा गया है। मामला नगर थाना क्षेत्र के जी ए इंटर स्कूल परीक्षा केंद्र की है, जहां असली परीक्षार्थी की जगह दूसरा युवक परीक्षा दे रहा था। फर्जी परीक्षार्थी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है..

नीट परीक्षा में 'सॉल्वर गैंग' का बड़ा खुलासा, बायोमेट्रिक जा
नीट परीक्षा में 'सॉल्वर गैंग' का बड़ा खुलासा- फोटो : रिषभ कुमार

Vaishali : जिला मुख्यालय हाजीपुर में नीट (NEET) परीक्षा के दौरान एक परीक्षा केंद्र पर फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। बायोमेट्रिक मिलान में विसंगति पाए जाने के बाद पुलिस ने एक सॉल्वर (फर्जी परीक्षार्थी) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई नगर थाना क्षेत्र के जी ए इंटर स्कूल परीक्षा केंद्र पर की गई, जहां असली परीक्षार्थी की जगह दूसरा युवक परीक्षा दे रहा था। केंद्र व्यवस्थापक की लिखित शिकायत पर नगर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और लोक परीक्षा कानून के तहत केस दर्ज कर मुख्य आरोपी को जेल भेज दिया है।


सुबह मिल गया था चेहरा, दोपहर बाद एनटीए के अलर्ट से खुला फर्जीवाड़े का राज

केंद्र की केंद्राधीक्षक अंजना सिंह द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, परीक्षा की शुरुआत में रोल नंबर 1503106191 के परीक्षार्थी रवि रंजन कुमार का एडमिट कार्ड, पहचान पत्र और चेहरे का मिलान किया गया था, जो प्रथम दृष्टया सही पाया गया। इसके बाद उसे परीक्षा कक्ष में प्रवेश दे दिया गया। लेकिन दोपहर करीब 3 बजे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मुख्य मुख्यालय से केंद्र को एक गुप्त और संदिग्ध इनपुट मिला। एनटीए ने केंद्र को सूचित किया कि उक्त रोल नंबर का परीक्षार्थी संदेहास्पद है और उसकी तत्काल दोबारा गहन बायोमेट्रिक जांच कराई जाए।


थंब इम्प्रेशन निकला मिसमैच, कड़ाई से पूछताछ में उगला असली नाम

एनटीए से अलर्ट मिलते ही परीक्षा केंद्र के अधिकारियों ने मुस्तैदी दिखाई और परीक्षा समाप्ति के बाद शाम 5 बजे संदिग्ध परीक्षार्थी को रोक लिया। जब उसकी दोबारा बायोमेट्रिक जांच की गई, तो उसका थंब इम्प्रेशन (अंगूठे का निशान) डेटाबेस से पूरी तरह मिसमैच (अलग) पाया गया। इस पर जब अधिकारियों और पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ शुरू की, तो वह घबरा गया। बार-बार बयान बदलने के बाद आखिरकार उसने कबूल किया कि वह असली छात्र नहीं है। उसने अपनी असली पहचान 27 वर्षीय राम बहादुर राय के रूप में दी, जो वैशाली जिले के कटहरा थाना क्षेत्र के कैला जलालपुर गांव का निवासी है।


कड़े कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज, सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड की तलाश तेज

फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद नगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छद्म परीक्षार्थी राम बहादुर राय को गिरफ्तार कर लिया। केंद्राधीक्षक के आधिकारिक आवेदन के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 (BNS) की सुसंगत धाराओं और 'द पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट' के तहत कड़ा मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस सॉल्वर गैंग का मुख्य मास्टरमाइंड कौन है और असली परीक्षार्थी रवि रंजन कुमार के साथ डील कितने रुपए में तय हुई थी।


परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, तकनीकी जांच से पकड़े जा रहे मुन्नाभाई

इस घटना ने एक बार फिर मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सक्रिय सॉल्वर गैंग और सेंधमारी के प्रयासों को उजागर कर दिया है। हालांकि, इस बार एनटीए के एडवांस तकनीकी सर्विलांस और रियल-टाइम बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के कारण 'मुन्नाभाई' समय रहते दबोच लिया गया। स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन ने साफ किया है कि परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी सिंडिकेट को बख्शा नहीं जाएगा और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य दलालों व कोचिंग सेंटरों की संलिप्तता की भी गहराई से जांच की जा रही है।

रिषभ की रिपोर्ट