मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड पर मंत्री संजय सिंह का बड़ा बयान, दोषियों पर होगी सख्त से सख्त कार्रवाई

मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में हुए भीषण और दर्दनाक अग्निकांड को लेकर मंत्री संजय सिंह का एक बड़ा बयान सामने आया है। मंत्री ने कहा है कि जांच में लापरवाही की बात सामने आई है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी....

मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड पर मंत्री संजय सिंह का बड़ा बया

Vaishali : मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में हुए भीषण और दर्दनाक अग्निकांड को लेकर बिहार सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियान्त्रिकी विभाग (PHED) के मंत्री संजय सिंह का एक बड़ा और बेहद सख्त बयान सामने आया है। वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर समाहरणालय में आयोजित जिला बीस सूत्री की महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेने के बाद मीडियाकर्मियों से औपचारिक बातचीत करते हुए मंत्री ने कहा कि इस पूरे हादसे के पीछे पूरी तरह से अस्पताल प्रशासन की भारी लापरवाही और व्यवस्था की गंभीर गड़बड़ी जिम्मेदार है। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस मामले के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


चिराग पासवान के निर्देश पर पहुंची पार्टी की जांच टीम को मिलीं भारी खामियां

हादसे के बाद की स्थिति को स्पष्ट करते हुए मंत्री संजय सिंह ने बताया कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के विशेष निर्देश पर पार्टी की एक उच्च स्तरीय जांच टीम को मुजफ्फरपुर भेजा गया था। इस जांच टीम ने जब घटनास्थल और अस्पताल का बारीकी से निरीक्षण किया, तो वहां की बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था और फायर फाइटिंग सिस्टम में भारी अनियमितताएं और गंभीर खामियां पाई गईं। जांच रिपोर्ट से यह साफ हो गया है कि अगर अस्पताल प्रबंधन ने समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन किया होता, तो शायद इतना बड़ा और रिहायशी इलाके को दहला देने वाला हादसा नहीं होता।


हादसे के वक्त मरीजों को तड़पता छोड़ भाग खड़े हुए थे डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी

अस्पताल प्रबंधन की असंवेदनशीलता पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए पीएचईडी मंत्री ने एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और मानवता को शर्मसार करने वाला सच है कि जब अस्पताल में आग लगी, तब वहां के चिकित्सक और ड्यूटी पर मौजूद पैरामेडिकल कर्मी अपनी जान बचाकर भाग खड़े हुए। उन्होंने आईसीयू और अन्य वार्डों में भर्ती लाचार मरीजों को धुएं और आग के बीच तड़पने के लिए छोड़ दिया, जिसके कारण दम घुटने और झुलसने से पांच मासूम लोगों की असामयिक मौत हो गई। इस कृत्य को किसी भी सभ्य समाज में माफ नहीं किया जा सकता।


मृतकों के आश्रितों को अधिकतम मुआवजा देने के लिए अधिकारियों को सख्त आदेश

जांच के नतीजों के आधार पर मंत्री संजय सिंह ने साफ-साफ शब्दों में कहा कि यह पूरी घटना पूरी तरह से अस्पताल प्रबंधन की आपराधिक चूक का नतीजा है। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित आला अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया है कि इस अग्निकांड की विभीषिका में जान गंवाने वाले सभी पांचों मृतकों के पीड़ित परिवार वालों को बिना किसी प्रशासनिक विलंब के सरकार की ओर से अधिक से अधिक उचित मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाए, ताकि इस संकट की घड़ी में उन्हें आर्थिक संबल मिल सके।


वैशाली बीस सूत्री की बैठक के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज

हाजीपुर समाहरणालय में आयोजित बीस सूत्री की समीक्षा बैठक के ठीक बाद आए मंत्री के इस बड़े बयान ने पूरे सूबे के स्वास्थ्य और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। राजनीतिक गलियारों में इस बयान को निजी अस्पतालों की मनमानी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के खिलाफ सरकार के कड़े रुख के तौर पर देखा जा रहा है। मंत्री के इस अल्टीमेटम के बाद अब मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन द्वारा संबंधित अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या सहित कई अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई को तेज करने की कवायद शुरू कर दी गई है।


रिषभ की रिपोर्ट