सीओ दीपक कुमार के पुन: पदस्थापना का भारी विरोध, राघोपुर प्रखंड परिसर में युवाओं का भूख हड़ताल तीसरे दिन भी जारी
वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड परिसर में बाढ़ राहत सामग्री वितरण में कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप में पहले हटाए जा चुके सीओ दीपक कुमार को पुनः पदस्थापित किए जाने के विरोध में स्थानीय युवाओं का आंदोलन तेज हो गया है....
Vaishali : जिले के राघोपुर प्रखंड परिसर में बाढ़ राहत सामग्री वितरण में कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप में पहले हटाए जा चुके अंचलाधिकारी (CO) दीपक कुमार को पुनः पदस्थापित किए जाने के विरोध में स्थानीय युवाओं का आंदोलन तेज हो गया है। युवाओं द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल रविवारको अपने तीसरे दिन में प्रवेश कर गई है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के मनाने के बावजूद युवा अपनी मांगों पर अडिग हैं।
बाढ़ राहत में पारदर्शिता और जीआर सूची सार्वजनिक करने की प्रमुख मांग
आंदोलनकारी युवाओं की मुख्य मांग है कि बाढ़ राहत सामग्री के वितरण में पूरी पारदर्शिता बरती जाए, राहत की पूरी सूची सार्वजनिक की जाए तथा जीआर (GR) की सूची स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शित की जाए। इसके साथ ही, युवा कुछ महीने पहले भ्रष्टाचार के आरोप में हटाए गए सीओ दीपक कुमार को तुरंत राघोपुर से वापस भेजने और जिला पदाधिकारी (DM) को मौके पर बुलाए जाने की जिद पर अड़े हैं।
कच्ची दरगाह के पिछले आंदोलन के वादों के पूरा न होने पर भड़के युवा
हड़ताल का नेतृत्व कर रहे सत्यम राणा राय ने बताया कि यह संघर्ष नया नहीं है, इससे पहले 7 से 9 सितंबर के बीच कच्ची दरगाह में भी भूख हड़ताल की गई थी। उस दौरान अधिकारियों ने 14 सितंबर तक सभी सूचियों को सार्वजनिक करने का आश्वासन देकर हड़ताल समाप्त कराई थी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर 18 सितंबर से राघोपुर प्रखंड परिसर में दोबारा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करनी पड़ी। इस दौरान नाव, कम्युनिटी किचन और मेडिकल किट वितरण में भारी अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं।
नए सीओ पर दमनकारी नीति और पुराने मामलों को तूल देने का गंभीर आरोप
युवाओं ने नए सीओ दीपक कुमार की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें 'हिटलरवादी सोच' का बताया है। सत्यनारायण राय सहित अन्य युवाओं का आरोप है कि ज्वाइन करने के बाद से ही वे दमनकारी नीति अपना रहे हैं और युवाओं को दबाने के लिए पुराने मामलों को खंगालकर उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार के मामले को दबाया जा सके। रामपुर और बहरामपुर सहित विभिन्न पंचायतों के दर्जनों युवा इस लड़ाई में डटे हुए हैं।
बिना पानी के डटे हैं युवा, प्रशासन और पुलिस दे रही सुरक्षा
मौजूदा स्थिति के मुताबिक हड़ताल पर बैठे युवाओं (जैसे नितीश कुमार और पृथ्वी यादव) ने पानी तक ग्रहण करना छोड़ दिया है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई बल प्रयोग नहीं किया गया है और पुलिस सुरक्षा मुहैया करा रही है, लेकिन युवाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक डीएम खुद आकर उनकी मांगें नहीं सुनते और भ्रष्ट अधिकारी को नहीं हटाते, तब तक यह भूख हड़ताल खत्म नहीं होगी।