वैशाली परिवहन विभाग में हड़कंप:घूसखोरी के आरोप में इंस्पेक्टर शरद कुमार को DTO का अल्टीमेटम,24 घंटे में मांगा जवाब

बिहार के वैशाली (हाजीपुर) में भ्रष्टाचार के खिलाफ डीटीओ ने सख्त कदम उठाया है। वैध कागजात वाले अंडरलोड ट्रक को जब्त करने और उसे छोड़ने के बदले ₹20,000 की घूस मांगने के आरोप में प्रवर्तन अवर निरीक्षक शरद कुमार को नोटिस जारी किया गया है।

Vaishali dto notice to inspector sharad kumar
घूसखोरी के आरोप में इंस्पेक्टर शरद कुमार को DTO का अल्टीमेटम,24 घंटे में मांगा जवाब- फोटो : Reporter

वैशाली जिला परिवहन कार्यालय (DTO) से भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का एक बड़ा मामला सामने आया है। जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) ने अपने ही विभाग के प्रवर्तन अवर निरीक्षक (इंस्पेक्टर) शरद कुमार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस थमा दिया है। पत्रांक 1146, दिनांक 01 जुलाई 2026 को जारी इस आधिकारिक नोटिस के जरिए आरोपी इंस्पेक्टर से अगले 24 घंटे के भीतर पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इस कार्रवाई के बाद से जिला परिवहन महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।


वैध कागजात के बावजूद ट्रक जब्ती और ₹20,000 की घूस का आरोप

यह पूरा मामला वाहन संख्या BR01GR0170 (ट्रक) के मालिक मुन्ना कुमार की लिखित शिकायत के बाद उजागर हुआ है। वाहन स्वामी ने इंस्पेक्टर शरद कुमार पर बेहद गंभीर और संगीन आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक, उनका ट्रक पूरी तरह अंडरलोड था और गाड़ी के सभी जरूरी कागजात भी पूरी तरह वैध थे। इसके बावजूद इंस्पेक्टर ने जबरन ट्रक को जब्त कर लिया। आरोप है कि गाड़ी को छोड़ने के बदले में शरद कुमार द्वारा 20,000 रुपये की अवैध राशि (रिश्वत) की मांग की गई, गाड़ी की जब्ती रसीद नहीं दी गई और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित भी किया गया।

DTO का अल्टीमेटम: 24 घंटे में जवाब दें या होगी कड़ी कार्रवाई

वाहन मालिक से शिकायत मिलने के तुरंत बाद वैशाली DTO ने त्वरित एक्शन लिया। इंस्पेक्टर शरद कुमार को भेजे गए नोटिस में साफ शब्दों में हिदायत दी गई है कि वे 24 घंटे के अंदर अपनी स्थिति स्पष्ट करें कि आखिर किस आधार पर वाहन को रोका गया। DTO ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि वाहन स्वामी द्वारा लगाए गए आरोप जांच में सत्य पाए जाते हैं, तो बिना किसी देरी के ट्रक को तुरंत मुक्त (रिलीज) किया जाए। विभाग की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस पूरे मामले की एक प्रतिलिपि राज्य परिवहन आयुक्त, पटना को भी अग्रसारित कर दी गई है।


भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और निष्पक्ष जांच की उम्मीद

धीरज पराशर की इस रिपोर्ट के अनुसार, वैशाली पुलिस और परिवहन प्रशासन इस मामले को काफी गंभीरता से ले रहा है। आम जनता और स्थानीय ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि ऑन-ड्यूटी अधिकारियों द्वारा इस तरह की अवैध वसूली से सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर सवाल उठते हैं। हालांकि, DTO द्वारा अपने ही सब-ऑर्डिनेट अधिकारी को सीधे नोटिस जारी करना यह दर्शाता है कि विभाग के भीतर भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब सभी की निगाहें आरोपी इंस्पेक्टर द्वारा दिए जाने वाले 24 घंटे के स्पष्टीकरण और उसके बाद होने वाली विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं।

धीरज पराशर की रिपोर्ट