Bihar Police: लालगंज थानेदार पर रेस्टोरेंट संचालक को पीटने का इल्जाम, बिहार में नहीं कम हो रहा है खाकी का कहर, डीजीपी की सीख से उलट दिखी जमीनी हकीकत

Bihar Police: वैशाली जिले के लालगंज थाना क्षेत्र से खाकी की दबंगई का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है।....

Vaishali Lalganj SHO accused of assaulting restaurant owner
लालगंज थानेदार पर रेस्टोरेंट संचालक को पीटने का इल्जाम- फोटो : reporter

Bihar Police: वैशाली जिले के लालगंज थाना क्षेत्र से खाकी की दबंगई का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बाईपास रोड स्थित वेलकम फैमिली रेस्टोरेंट एंड ढाबा में रेस्टोरेंट संचालक के साथ मारपीट का आरोप सीधे लालगंज थानाध्यक्ष मनमोहन कुमार पर लगा है। यह पूरा वाकया होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद बताया जा रहा है, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।

पीड़ित रेस्टोरेंट संचालक रणजीत कुमार का आरोप है कि रविवार देर रात चार से पांच अज्ञात लोग उनके ढाबे पर पहुंचे और उधार की मांग करने लगे। जब रणजीत ने उधार देने से इनकार किया, तो उन लोगों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। किसी तरह मामला शांत हुआ, लेकिन इसी दौरान किसी ने लालगंज थानाध्यक्ष को फोन कर घटना की सूचना दे दी।

रणजीत के मुताबिक, थानाध्यक्ष मनमोहन कुमार करीब आधे से एक घंटे की देरी से मौके पर पहुंचे। इससे पहले किसी अन्य व्यक्ति ने लालगंज एसडीपीओ को भी घटना की जानकारी दे दी थी। आरोप है कि मौके पर पहुंचते ही थानाध्यक्ष ने बिना पूरी बात सुने रणजीत को गाली-गलौज शुरू कर दी और धमकी दी कि उसे किसी मामले में फंसाकर जेल भेज दिया जाएगा। थानाध्यक्ष ने रणजीत पर एसडीपीओ को फोन करने, अपराधियों को बैठाने और होटल में शराब पार्टी करवाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए।

रणजीत का कहना है कि उसने थानाध्यक्ष से साफ कहा कि होटल में सीसीटीवी कैमरा लगा है और फुटेज चेक कर सच्चाई देखी जा सकती है। लेकिन आरोप है कि सीसीटीवी देखने के बहाने थानाध्यक्ष ने आपा खो दिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। रणजीत के अनुसार, थानाध्यक्ष ने उसे तीन से चार थप्पड़ मारे। उस वक्त थानाध्यक्ष सादे कपड़ों में थे, जिससे वहां मौजूद लोग कुछ देर के लिए असमंजस में पड़ गए। होटल में मौजूद अन्य लोगों ने इस कार्रवाई का विरोध भी किया।

हालांकि, पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले को अलग नजरिए से देख रहा है। सदर एसडीपीओ गोपाल मंडल ने पुलिस द्वारा मारपीट के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्हें सूचना मिली थी कि लाइन होटल पर मारपीट और फायरिंग की घटना हुई है। इसी सूचना पर स्थानीय पुलिस अधिकारी को मौके पर भेजा गया था। जांच में यह सामने आया कि गोली चलने की सूचना गलत थी। एसडीपीओ के मुताबिक, पुलिस ने किसी के साथ मारपीट नहीं की है और होटल संचालक द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।

अब सवाल यह है कि अगर पुलिसिया वर्ज़न सही है, तो सीसीटीवी कैमरे में क्या कैद हुआ है। सच्चाई CCTV फुटेज में दफन है और वही तय करेगा कि खाकी ने कानून की हद लांघी या फिर आरोप झूठ का पुलिंदा हैं।

रिपोर्ट-ऋषभ कुमार