Bihar News:बिहार में चीनी उद्योग को मिलेगा बूस्ट, नई मिल पर 70 करोड़ रुपए तक अनुदान, 1 रुपया में जमीन, SIPP पोर्टल लॉन्च

Bihar News: बिहार सरकार ने गन्ना उद्योग में निवेश बढ़ाने और बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से रफ्तार देने के लिए बड़ा दांव खेला है। ...

Bihar Offers 70 Cr Aid 1 Land for New Sugar Mills
बिहार में चीनी उद्योग को मिलेगा बूस्ट- फोटो : social Media

Bihar News: बिहार सरकार ने गन्ना उद्योग में निवेश बढ़ाने और बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से रफ्तार देने के लिए बड़ा दांव खेला है। राज्य सरकार ने शुगरकेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पोर्टल (SIPP) का शुभारंभ करते हुए निवेशकों के लिए आकर्षक प्रोत्साहन पैकेज का ऐलान किया है। अब नई चीनी मिल लगाने वाले निवेशकों को 70 करोड़ रुपये तक का आधार अनुदान, पांच वर्षों तक 100 प्रतिशत स्टेट जीएसटी की प्रतिपूर्ति और महज 1 रुपये की टोकन राशि पर जमीन लीज पर उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का दावा है कि इससे बिहार में चीनी उद्योग को नई रफ्तार मिलेगी और गन्ना किसानों की आय भी बढ़ेगी।

बुधवार को गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने बिहार गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति-2026 के तहत विकसित शुगरकेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पोर्टल (SIPP) का आधिकारिक शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल निवेशकों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के रूप में काम करेगा, जिससे उद्योग लगाने की पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और पारदर्शी होगी।

अब निवेशकों को नीतिगत जानकारी, भूमि उपलब्धता, सब्सिडी या सरकारी मंजूरियों के लिए अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। SIPP पोर्टल पर ही ऑनलाइन आवेदन, जिलेवार उपलब्ध जमीन का चयन, परियोजना की ऑनलाइन मॉनिटरिंग और शिकायत निवारण जैसी सभी सुविधाएं एक ही मंच पर उपलब्ध होंगी।

सरकार ने राज्य में चीनी उद्योग के विस्तार का भी बड़ा लक्ष्य तय किया है। फिलहाल बिहार में 10 चालू चीनी मिलें हैं, जिनकी कुल पेराई क्षमता 65,450 टीसीडी (टन क्रशिंग प्रति दिन) है। सरकार अब 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने के साथ-साथ बंद पड़ी सकरी, रैयाम और सासामुसा चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने की योजना पर काम कर रही है।

गन्ना किसानों को भी इस नीति का सीधा लाभ मिलेगा। सरकार की ओर से प्रति क्विंटल 10 रुपये की अतिरिक्त सहायता और मुफ्त गन्ना बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का मानना है कि नई निवेश नीति, आधुनिक डिजिटल पोर्टल और आकर्षक प्रोत्साहन योजनाओं के जरिए बिहार एक बार फिर देश के प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना सकेगा।