Dhanteras Gold: धनतेरस से पहले सोना खरीदना हुआ महंगा! BIS ने बढ़ाई हॉलमार्किंग फीस, जानें चांदी का नया रेट

Dhanteras Gold: धनतेरस से पहले BIS ने सोने की हॉलमार्किंग फीस 45 रुपये से बढ़ाकर 75 रुपये कर दी है। जानें नए नियम, चांदी की फीस और सोने के गहने खरीदने पर इसका क्या असर होगा।

Dhanteras Gold

Dhanteras Gold: धनतेरस का त्योहार दिवाली से दो दिन पहले मनाया जाता है। इस साल धनतेरस 6 नवंबर को है। इस दिन सोना और चांदी खरीदना शुभ माना जाता है, इसलिए बड़ी संख्या में लोग गहने और सिक्के खरीदते हैं। लेकिन इस बार त्योहार से पहले सोने की हॉलमार्किंग फीस बढ़ा दी गई है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने सोने की हर वस्तु पर लगने वाला हॉलमार्किंग शुल्क 45 रुपये से बढ़ाकर 75 रुपये कर दिया है। यह करीब 67 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। नए शुल्क 14 सितंबर 2026 से लागू हो चुके हैं। 


सोने की कौन-कौन सी श्रेणियां हैं शामिल?


हॉलमार्किंग से सोने की शुद्धता की पहचान होती है। BIS की हॉलमार्किंग योजना में सोने के आभूषणों और कलाकृतियों की सात कैरेट श्रेणियां शामिल हैं। इनमें 9, 14, 18, 20, 22, 23 और 24 कैरेट सोना आता है। हॉलमार्क वाले गहने पर BIS का निशान, सोने की शुद्धता बताने वाला चिह्न और छह अंकों का HUID नंबर होता है। ग्राहक BIS Care ऐप के जरिए HUID नंबर की जांच भी कर सकते हैं। 


अब हर सोने की वस्तु पर कितना लगेगा शुल्क?


नए नियमों के मुताबिक, ज्वेलर्स को मान्यता प्राप्त परख और हॉलमार्किंग केंद्रों (AHC) को सोने की हर वस्तु पर 75 रुपये देने होंगे। पहले यह शुल्क 45 रुपये था। यानी प्रति वस्तु 30 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, एक खेप पर न्यूनतम 200 रुपये का शुल्क पहले की तरह लागू रहेगा। इसलिए यह समझना जरूरी है कि 67 प्रतिशत की बढ़ोतरी हॉलमार्किंग फीस में हुई है, न कि सोने के गहनों की कुल कीमत में। यह शुल्क ज्वेलर्स हॉलमार्किंग केंद्रों को देते हैं। इसका पूरा बोझ ग्राहक पर पड़ेगा या नहीं और कीमत में कितना बदलाव होगा, यह ज्वेलर की बिलिंग और कीमत तय करने के तरीके पर निर्भर करेगा। 


चांदी की हॉलमार्किंग फीस में क्या बदलाव हुआ?


BIS ने सोने के साथ चांदी की हॉलमार्किंग फीस में बढ़ोतरी नहीं की है। चांदी की हर वस्तु पर ज्वेलर्स को 35 रुपये का शुल्क देना होगा। एक खेप के लिए न्यूनतम शुल्क 150 रुपये तय है। 


सोने की हॉलमार्किंग क्यों जरूरी है?


सोने की हॉलमार्किंग का उद्देश्य गहनों की शुद्धता को प्रमाणित करना और ग्राहकों को धोखाधड़ी से बचाना है। जून 2021 से सरकार ने चरणबद्ध तरीके से कई जिलों में सोने के आभूषणों और कलाकृतियों की हॉलमार्किंग अनिवार्य की थी। इसके बाद समय-समय पर इस व्यवस्था का दायरा बढ़ाया गया।


धनतेरस पर सोना खरीदते समय ग्राहक गहने पर BIS का निशान, कैरेट के हिसाब से शुद्धता और छह अंकों वाला HUID नंबर जरूर जांचें। हॉलमार्किंग फीस बढ़ने से ज्वेलर्स का खर्च जरूर बढ़ा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर ग्राहक को हर गहने पर सीधे 30 रुपये अतिरिक्त देने ही होंगे।