Government Employee: 8 करोड़ कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, अब चुटकियों में निकलेगा PF का पैसा! जानिए कैसे मिलेगा लाभ
Government Employee: नई डिजिटल पहल के तहत करीब 8 करोड़ सदस्यों को कम कागजी प्रक्रिया के साथ ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इस प्लेटफॉर्म का मकसद EPFO की सेवाओं को और अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनाना है।
Government Employee: देशभर के करोड़ों कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। जानकारी अनुसार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन(EPEO) कर्मचारियों को डिजिटल सुविधा देने की तैयारी में जुट गया है। बताया जा रहा है कि संगठन जल्द ही एक नई मोबाइल ऐप लॉन्च कर सकता है। जिसके जरिए सदस्य अपने प्रोविडेंट फंड से जुड़ी कई सेवाओं का लाभ आसानी से उठा सकेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ऐप को अप्रैल 2026 तक जारी किया जा सकता है और यह EPFO 3.0 पहल का हिस्सा होगी।
क्या है EPFO 3.0?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार EPFO 3.0 संगठन के डिजिटलीकरण की दिशा में अगला बड़ा कदम है। अभी भी सदस्य ऑनलाइन क्लेम फाइलिंग, ई-नॉमिनेशन और आधार आधारित सत्यापन जैसी सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं, लेकिन नए सिस्टम में इन सेवाओं को और व्यवस्थित और तेज बनाया जाएगा। साथ ही शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करने और क्लेम प्रोसेस में होने वाली देरी को कम करने पर भी फोकस रहेगा। कई रोजमर्रा के कामों में मैनुअल अप्रूवल की जरूरत भी घटाई जाएगी।
UPI के जरिए पीएफ निकासी की सुविधा
EPFO 3.0 की सबसे खास बात UPI के माध्यम से पीएफ निकालने की सुविधा होगी। फिलहाल पैसा बैंक ट्रांसफर के जरिए आता है। जिसमें कई दिन लग जाते हैं। UPI से जुड़ने के बाद उम्मीद है कि निकासी की प्रक्रिया तेज और आसान हो जाएगी। शुरुआती चरण में यह सुविधा सीमित श्रेणियों जैसे मेडिकल इमरजेंसी,शिक्षा,आवास और अन्य जरूरी जरूरतों के लिए आंशिक निकासी तक ही उपलब्ध रहेगी। ऐप में सदस्य यह भी देख सकेंगे कि वे किस श्रेणी के तहत कितनी राशि निकाल सकते हैं।
पेंशनरों के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट आसान
नए प्लेटफॉर्म के आने के बाद पेंशनरों को डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनवाने में भी आसानी होगी। इसके तहत बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया को सरल किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर अधिकृत कर्मी घर पहुंचकर भी यह प्रक्रिया पूरी करा सकेंगे। जिससे बुजुर्गों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सूत्रों के मुताबिक, EPFO 3.0 को अप्रैल 2026 तक लॉन्च करने की तैयारी है। फिलहाल सिस्टम की स्थिरता और डेटा सुरक्षा की जांच जारी है। परीक्षण पूरा होने के बाद ही इसे आम लोगों के लिए शुरू किया जाएगा।