Bihar Gold Silver Rate: सोने-चांदी के बाजार में मची हलचल,भाव में दूसरे दिन भी गिरावट,महंगाई और मजबूत डॉलर से फिसले दाम

Bihar Gold Silver Rate: सोना और चांदी के दामों में गिरावट ने सर्राफा बाजार और निवेशकों के बीच हलचल पैदा कर दी है। ...

Gold Silver Prices Fall Again
सोने-चांदी के बाजार में मची हलचल- फोटो : social Media

Bihar Gold Silver Rate: कमोडिटी मार्केट में आज सुबह कारोबार की शुरुआत हल्की सुस्ती और दबाव के साथ हुई। सोना और चांदी के दामों में गिरावट ने सर्राफा बाजार और निवेशकों के बीच हलचल पैदा कर दी है। कारोबारियों की मानें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार से आए संकेत और अमेरिकी महंगाई के ताजा आंकड़ों ने पूरे सौदेबाजी के माहौल को बदल दिया है। इसी का असर घरेलू वायदा बाजार यानी एमसीएक्स पर भी साफ दिखाई दिया।

सुबह करीब 9:15 बजे के आसपास एमसीएक्स पर सोना अप्रैल वायदा हल्की कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया। सोने की कीमत करीब 0.10 प्रतिशत गिरकर 1,61,660 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गई। वहीं चांदी के बाजार में भी मंदी का सुर देखने को मिला। एमसीएक्स पर चांदी मई वायदा करीब 0.57 प्रतिशत फिसलकर 2,66,969 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। बाजार के जानकारों का कहना है कि निवेशकों के बीच फिलहाल सतर्कता का माहौल है और कई ट्रेडर मुनाफावसूली करते नजर आ रहे हैं।

दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं पर दबाव साफ दिखा। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक सिंगापुर में सुबह करीब 8:05 बजे स्पॉट गोल्ड की कीमत करीब 0.9 प्रतिशत गिरकर 5,132.76 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। इसी तरह चांदी भी करीब 1.5 प्रतिशत टूटकर 84.44 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। इतना ही नहीं, अन्य बहुमूल्य धातुओं में भी गिरावट का रुख रहा। प्लैटिनम में लगभग 1 प्रतिशत और पैलेडियम में करीब 0.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

बाजार के जानकारों के मुताबिक इस गिरावट के पीछे दो बड़े फैक्टर काम कर रहे हैं। पहला अमेरिका के महंगाई के आंकड़े और दूसरा मध्य पूर्व में जारी युद्ध का असर। अमेरिकी महंगाई को लेकर बढ़ती चिंताओं ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को कमजोर कर दिया है। जब दरों में कटौती की उम्मीद कम होती है तो डॉलर मजबूत हो जाता है। यही वजह है कि ब्लूमबर्ग डॉलर स्पॉट इंडेक्स में करीब 0.2 प्रतिशत की मजबूती देखी गई, जबकि डॉलर इंडेक्स में करीब 0.3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल यह गिरावट किसी बड़ी कमजोरी का संकेत नहीं बल्कि बाजार का एक “ब्रेक” या ठहराव है। मेलबर्न की वैंटेज मार्केट्स की विश्लेषक हेबे चेन के मुताबिक बढ़ती महंगाई की आशंका और मजबूत डॉलर के चलते निवेशक फिलहाल सतर्क रणनीति अपना रहे हैं। ऐसे में बाजार का रुख आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर काफी हद तक निर्भर करेगा।