LPG cylinder prices: गैस सिलेंडर खरीदने से पहले देखें 6 जुलाई का लेटेस्ट रेट, आपके शहर में कितनी है कीमत?

6 जुलाई 2026 को LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई समेत प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के ताजा रेट जानें। साथ ही समझें कि कच्चे तेल की कीमतें घटने के बावजूद LPG सस्ती कब हो सकती है।

LPG cylinder prices

LPG cylinder prices: अगर आप आज रसोई गैस सिलेंडर बुक कराने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है। 6 जुलाई 2026 को भी एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के गैस सिलेंडर पहले की कीमत पर ही मिल रहे हैं। हालांकि आम लोगों को उम्मीद है कि जिस तरह हाल ही में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम घटाए गए हैं, उसी तरह घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी जल्द राहत मिल सकती है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत फिलहाल 942 रुपये है। वहीं 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 1 जुलाई को 183.50 रुपये की कटौती के बाद 2,930 रुपये हो गई है।

देश के अलग-अलग शहरों में घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के ताजा रेट इस प्रकार हैं। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर 942 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2,930 रुपये का मिल रहा है। मुंबई में घरेलू सिलेंडर 941.50 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2,885.50 रुपये है। कोलकाता में घरेलू सिलेंडर 968 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 3,082 रुपये का है। चेन्नई में घरेलू सिलेंडर 957.50 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 3,106 रुपये में मिल रहा है।

चंडीगढ़ में घरेलू सिलेंडर 951.50 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2,954.50 रुपये का है। देहरादून में घरेलू सिलेंडर 961 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2,983.50 रुपये का मिल रहा है। हैदराबाद में घरेलू सिलेंडर 934 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2,052.50 रुपये का है। भुवनेश्वर में घरेलू सिलेंडर 968 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 3,115 रुपये का मिल रहा है। तिरुवनंतपुरम में घरेलू सिलेंडर 951 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2,970.50 रुपये का है।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट 

इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड का भाव 72 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया। वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमत करीब 68 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई। होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की आवाजाही में सुधार और OPEC+ देशों के अगस्त से रोजाना 1.88 लाख बैरल अतिरिक्त तेल उत्पादन बढ़ाने के फैसले से कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना है।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर भारत में

हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर भारत में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर तुरंत नहीं दिखाई देगा। इसकी वजह यह है कि भारत में फिलहाल जिस गैस और ईंधन की आपूर्ति हो रही है, वह पहले अधिक कीमत पर खरीदे गए कच्चे तेल से तैयार किया गया है। नए दाम पर खरीदा गया कच्चा तेल भारत पहुंचने, उसकी रिफाइनिंग होने और बाजार तक आने में समय लगता है।