Sugar Control Order 2025: महाराष्ट्र में चीनी संकट बढ़ा, 10 लाख टन आयात पर विचार; बारिश नहीं हुई तो अगला सीजन होगा मुश्किल
Sugar Control Order 2025: महाराष्ट्र में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार 10 लाख टन चीनी आयात करने पर विचार कर रही है। कम बारिश से अगले गन्ना पेराई सीजन पर भी संकट की आशंका है।
Sugar Control Order 2025: महाराष्ट्र में चीनी की बढ़ती कीमतों और आने वाले गन्ना पेराई सीजन को लेकर सरकार की चिंता बढ़ गई है। राज्य के सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील ने कहा है कि अगर अगले 10 से 15 दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो आने वाला चीनी सीजन मुश्किल हो सकता है। चीनी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सरकार 10 लाख टन चीनी आयात करने के विकल्प पर भी विचार कर रही है।
अमित शाह के साथ बैठक में चीनी उद्योग पर चर्चा
सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील ने बताया कि केंद्रीय सहकार मंत्री अमित शाह के साथ हुई बैठक में चीनी उद्योग से जुड़ी कई समस्याओं पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि गन्ने की उचित और लाभकारी कीमत यानी FRP बढ़ने से चीनी मिलों और किसानों दोनों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। बैठक में इथेनॉल उत्पादन और उसकी बिक्री से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा हुई। मंत्री के मुताबिक, इथेनॉल का उत्पादन बढ़ा है, लेकिन उसकी मांग और उठाव उतना नहीं है। इससे चीनी मिलों के सामने नई चुनौती पैदा हो रही है।
चीनी के लिए डुअल प्राइसिंग का सुझाव
महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र के सामने चीनी के लिए डुअल प्राइसिंग पॉलिसी का सुझाव रखा है। इसके तहत इथेनॉल बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली चीनी और खाने के लिए इस्तेमाल होने वाली चीनी के लिए अलग व्यवस्था रखने पर विचार किया जा सकता है। बाबासाहेब पाटील ने कहा कि राज्य सरकार ने अपना सुझाव केंद्र के सामने रख दिया है। अब इस पर अंतिम फैसला केंद्र सरकार को लेना है।
बारिश की कमी से बढ़ी सरकार की चिंता
महाराष्ट्र में बारिश की स्थिति ने भी चीनी उद्योग की चिंता बढ़ा दी है। मंत्री ने कहा कि अगर अगले 10 से 15 दिनों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो आने वाले गन्ना पेराई सीजन पर इसका असर पड़ सकता है। गन्ने की उपलब्धता कम होने की स्थिति में चीनी का उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है। इसी वजह से सरकार अभी से चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर नजर रख रही है।
चीनी आयात करने का विकल्प खुला
घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सरकार 10 लाख टन चीनी आयात करने के विकल्प पर विचार कर रही है। हालांकि, आयात को लेकर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है। अगर घरेलू उत्पादन मांग के मुकाबले कम रहता है तो आयात के जरिए बाजार में चीनी की कमी को दूर करने की कोशिश की जा सकती है।
जमाखोरी रोकने के लिए स्टॉक पर सख्ती
चीनी की कीमतों में तेजी के बीच केंद्र सरकार ने स्टॉक को लेकर भी नियम सख्त किए हैं। Essential Commodities Act, 1955 और Sugar (Control) Order, 2025 के तहत ये प्रतिबंध 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेंगे। नए नियमों के तहत चीनी व्यापारी खरीद या प्राप्ति की तारीख से 30 दिनों से ज्यादा समय तक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। एक स्थान पर किसी व्यापारी के पास अधिकतम 8,000 क्विंटल चीनी रखने की सीमा तय की गई है।
इसके अलावा सभी चीनी व्यापारियों को अपने स्टॉक की जानकारी Food and Public Distribution Department के पोर्टल पर देनी होगी। उन्हें इस जानकारी को नियमित रूप से अपडेट भी करना होगा। सरकारी स्टॉक और PDS के लिए अधिकृत व्यापारियों के स्टॉक को इन सीमाओं से अलग रखा गया है। महाराष्ट्र प्रशासन को इन नियमों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। जमाखोरी या तय सीमा से ज्यादा स्टॉक रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
चीनी संकट को लेकर कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जिस देश से पहले चीनी का निर्यात किया जाता था, अब उसी देश में आयात की जरूरत पड़ रही है। उन्होंने इसे सरकार की नीतियों का नतीजा बताया। वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि सरकार ने गन्ना किसानों और चीनी उद्योग की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। उन्होंने यह भी कहा कि त्योहारी सीजन से पहले चीनी महंगी होने से आम लोगों पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ बढ़ सकता है। फिलहाल महाराष्ट्र में बारिश, गन्ने की उपलब्धता, चीनी उत्पादन और बाजार की कीमतों पर सरकार की नजर बनी हुई है। अगले कुछ हफ्तों में बारिश की स्थिति और केंद्र के फैसले से यह साफ होगा कि आने वाला चीनी सीजन कितना चुनौतीपूर्ण रहेगा।