पेट्रोल-डीजल सस्ता होने की उम्मीदों को झटका, कच्चे तेल में उछाल से महंगाई की आशंका
Bihar Petrol Diesel Price: दुनियाभर में पेट्रोल और डीजल के दाम घटने की उम्मीद कर रहे लोगों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है।
Bihar Petrol Diesel Price: दुनियाभर में पेट्रोल और डीजल के दाम घटने की उम्मीद कर रहे लोगों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। ईरान की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कथित 'दुश्मन ठिकानों' पर हमले और इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को लेकर बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में हलचल मचा दी है। भू-राजनीतिक संकट गहराने के साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। ब्रेंट क्रूड 83 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 78 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार करता देखा गया।
ऊर्जा बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पूरी तरह सामान्य नहीं होती, तब तक तेल की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा कॉरिडोर में से एक है, जहां से वैश्विक कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में किसी भी सैन्य तनाव या आवाजाही में रुकावट का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार और ईंधन की कीमतों पर पड़ता है।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक निवेशकों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि होर्मुज में स्थायी समाधान अब भी दूर दिखाई दे रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान और ओमान के बीच समुद्री मार्ग को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन अमेरिका मुक्त आवाजाही की वकालत कर रहा है, जबकि ईरान जहाजों पर शुल्क लगाने और कुछ देशों के जहाजों के प्रवेश पर पाबंदियां चाहता है। यही असमंजस तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ा रहा है।
इस बीच ईरान और अमेरिका के रिश्तों में भी उतार-चढ़ाव जारी है। कभी बातचीत की खबरें सामने आती हैं तो कभी सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमलों से हालात फिर तनावपूर्ण हो जाते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर उम्मीद जताई है कि युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है, लेकिन दोनों पक्ष अब भी समझौते की शर्तों पर सहमत नहीं हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है या होर्मुज में जहाजों की आवाजाही और प्रभावित होती है, तो कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है। इसका असर भारत जैसे तेल आयातक देशों पर भी पड़ेगा, जहां पेट्रोल, डीजल, परिवहन लागत और महंगाई पर अतिरिक्त दबाव बनने की आशंका रहेगी। फिलहाल वैश्विक बाजार की नजर होर्मुज की स्थिति और ईरान-अमेरिका के बीच जारी कूटनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई है।