RBI On Small Currency: दिवाली से पहले 10, 20 और 50 रुपये के नोटों की कमी का मैसेज वायरल, जानें RBI ने क्या कहा

RBI On Small Currency: दिवाली से पहले 10, 20 और 50 रुपये के नोटों की कमी का दावा करने वाला मैसेज वायरल है। जानें RBI ने क्या कहा और PIB फैक्ट चेक ने इस दावे को क्यों फर्जी बताया।

RBI On Small Currency

RBI On Small Currency:  दिवाली नजदीक है और बाजारों में खरीदारी की तैयारी शुरू हो चुकी है। इसी बीच सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर एक मैसेज तेजी से फैल रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि देशभर में 10, 20 और 50 रुपये के नोटों की कमी होने वाली है। मैसेज में इसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का सर्कुलर बताया गया है। इस खबर से खासतौर पर छोटे दुकानदारों और व्यापारियों के बीच चिंता बढ़ सकती है।


वायरल मैसेज में कहा गया है कि सरकार के डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छोटे मूल्य के नोटों की छपाई धीरे-धीरे कम की जा रही है। इसमें लोगों को नकद भुगतान के बजाय UPI, कार्ड और नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करने की सलाह भी दी गई है। लेकिन क्या RBI ने सच में ऐसा कोई फैसला लिया है?


वायरल मैसेज में क्या दावा किया गया है?


व्हाट्सऐप पर शेयर की जा रही तस्वीर में RBI का नाम और लोगो इस्तेमाल किया गया है। इसमें कथित तौर पर RBI के गवर्नर के हस्ताक्षर भी दिखाई दे रहे हैं। मैसेज में दावा किया गया है कि दिवाली से पहले 10, 20 और 50 रुपये के नोटों की कमी हो सकती है। इसमें कहा गया है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए छोटे मूल्य के नोटों की छपाई कम की जा रही है। इसी वजह से आने वाले दिनों में बाजार में इन नोटों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।


क्या है वायरल मैसेज की सच्चाई?


प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक टीम ने इस वायरल दावे को फर्जी बताया है। PIB के अनुसार, व्हाट्सऐप पर फैलाया जा रहा यह दावा गलत है कि RBI ने दिवाली से पहले 10, 20 और 50 रुपये के नोटों की कमी होने की घोषणा की है। PIB ने स्पष्ट किया है कि RBI ने छोटे मूल्य के नोटों की उपलब्धता को लेकर ऐसी कोई घोषणा नहीं की है। इसलिए वायरल तस्वीर को RBI का आधिकारिक सर्कुलर मानना सही नहीं है।


अगर नोटों की कमी होती तो बाजार पर क्या असर पड़ता?


10, 20 और 50 रुपये के नोट रोजमर्रा के लेन-देन में काम आते हैं। छोटे दुकानदार, सब्जी विक्रेता, ऑटो चालक और ग्राहक अक्सर इन नोटों का इस्तेमाल करते हैं। अगर बाजार में इनकी वास्तविक कमी होती, तो छुट्टे पैसे देने और लेने में परेशानी हो सकती थी। हालांकि, RBI ने ऐसी किसी कमी की घोषणा नहीं की है। इसलिए फिलहाल वायरल मैसेज के आधार पर बाजार में छोटे नोटों की किल्लत की आशंका जताना सही नहीं होगा।


ऐसा फर्जी मैसेज मिले तो क्या करें?


अगर आपके व्हाट्सऐप पर भी इस तरह का मैसेज आता है, तो उसे बिना जांच किए आगे शेयर न करें। किसी भी बैंकिंग या रुपये से जुड़े दावे की पुष्टि RBI की आधिकारिक वेबसाइट या PIB फैक्ट चेक के माध्यम से करें। PIB के मुताबिक, संदिग्ध तस्वीर या मैसेज को फैक्ट चेक के लिए उसके व्हाट्सऐप नंबर +91 8799711259 पर भेजा जा सकता है।