Swiggy-Zomato कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल, बढ़ती लागत पर फूटा गुस्सा, ऑनलाइन डिलीवरी पर ब्रेक
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद गिग वर्कर्स में नाराजगी बढ़ गई। ऑनलाइन डिलीवरी पर ब्रेक लगते हुए गिग वर्कर्स हड़ताल पर हैं.
ईंधन की बढ़ती कीमतों के खिलाफ देशभर के गिग वर्कर्स ने शनिवार को मोर्चा खोल दिया। Gig and Platform Service Workers Union (GIPSWU) ने 16 मई को दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक ऐप आधारित सेवाओं के अस्थायी बंद और राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। यूनियन ने सरकार और प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनियों से डिलीवरी और राइड-हेलिंग कर्मचारियों के लिए प्रति किलोमीटर सेवा दर तुरंत बढ़ाने की मांग की है।
दरअसल, शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद गिग वर्कर्स में नाराजगी बढ़ गई। राजधानी Delhi में पेट्रोल की कीमत लगभग 97.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। यूनियन का कहना है कि ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से लाखों डिलीवरी पार्टनर्स और ड्राइवरों की कमाई पर सीधा असर पड़ रहा है।
GIPSWU के अनुसार, देश में करीब 1.2 करोड़ गिग वर्कर्स अपनी रोजी-रोटी के लिए मोटरसाइकिल और स्कूटर पर निर्भर हैं। ऐसे में पेट्रोल-डीजल महंगा होने से उनकी दैनिक आय तेजी से घट रही है। यूनियन का कहना है कि लंबे समय तक काम करने के बावजूद कर्मचारियों के हाथ में पर्याप्त कमाई नहीं बच रही है, क्योंकि ईंधन और वाहन रखरखाव का खर्च लगातार बढ़ रहा है।
यूनियन अध्यक्ष सीमा सिंह ने ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी को गिग वर्कर्स पर “सीधा हमला” बताया। उन्होंने कहा कि Swiggy, Zomato और Blinkit जैसे प्लेटफॉर्म्स पर काम करने वाले डिलीवरी कर्मचारियों की आय पर इसका गंभीर असर पड़ेगा। यूनियन ने प्रति किलोमीटर न्यूनतम 20 रुपये भुगतान तय करने की मांग रखी है।
GIPSWU ने कहा कि महिला गिग वर्कर्स, डिलीवरी एजेंट और ड्राइवर सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। यूनियन के मुताबिक, कई कर्मचारी खराब मौसम, भीषण गर्मी और भारी ट्रैफिक के बीच रोजाना 10 से 14 घंटे तक काम करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी आय लगातार घट रही है। यूनियन ने चेतावनी दी कि अगर बढ़ती लागत के अनुपात में कमाई नहीं बढ़ी, तो बड़ी संख्या में कर्मचारी इस क्षेत्र को छोड़ने को मजबूर हो सकते हैं।
यूनियन ने बताया कि उसने सरकार और प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनियों को ज्ञापन सौंपकर डिलीवरी दरों में संशोधन और ईंधन खर्च के लिए अतिरिक्त मुआवजे की मांग की है। संगठन ने कहा कि शनिवार का यह बंद शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन है, जिसका उद्देश्य देशभर में गिग और प्लेटफॉर्म कर्मचारियों के सामने खड़े बढ़ते आजीविका संकट की ओर ध्यान आकर्षित करना है।