WhatsApp Vs Government: भारत में बंद होगा व्हाट्सएप! क्या अब नहीं चलेगी आपकी पसंदीदा चैटिंग ऐप? 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट का आएगा फैसला

WhatsApp Vs Government: भारत में व्हाट्सएप बंद होगा इसको लेकर चर्चाएं तेज है। माना जा रहा है कि यदि व्हाट्सएप सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेशों को नहीं मानता है तो उसे भारत छोड़ कर जाना पड़ सकता है।

WhatsApp will be banned in India
भारत में बंद होगा व्हाट्सएप! - फोटो : social media

WhatsApp Vs Government: भारत में व्हाट्सएप हमेशा के लिए बंद हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट और व्हाट्सएप के बीच लगातार विवाद बढ़ता जा रहा है। भारत में व्हाट्सएप के करीब 85 करोड़ यूजर्स हैं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट में व्हाट्सएप को लेकर एक बड़ा मामला चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कई सख्त चेतावनी भी व्हाट्सएप को दे दिए हैं। ऐसे में चर्चा तेज हो गई है कि क्या व्हाट्सएप भारत छोड़ देगा। दरअसल, कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि अगर कंपनी भारतीय संविधान और निजता के नियमों का पालन नहीं करती, तो उसे भारत छोड़ना पड़ सकता है। हालांकि, यह चेतावनी है, कोई अंतिम आदेश नहीं।

कैसे शुरु हुआ मामला?

यह विवाद जनवरी 2021 की वॉट्सएप प्राइवेसी पॉलिसी से शुरू हुआ। पॉलिसी के मुताबिक वॉट्सएप यूजर्स का कुछ डेटा अपनी पैरेंट कंपनी मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम) के साथ साझा कर सकता है। यूजर्स के सामने दो ही विकल्प थे पॉलिसी मानें या अकाउंट डिलीट करें। इस पर आरोप लगा कि यह यूजर्स पर जबरदस्ती है। मार्च 2021 में CCI (कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया) ने जांच शुरू की और नवंबर 2024 में मेटा पर 213.14 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया। इसके खिलाफ मेटा ने NCLAT और फिर जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट में अपील की।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

3 फरवरी 2026 की सुनवाई में कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि "हम आपको यूजर्स का डेटा शेयर करने की इजाजत नहीं देंगे। अगर संविधान का पालन नहीं कर सकते, तो भारत छोड़ दें"। कोर्ट ने कहा कि प्राइवेसी पॉलिसी इतनी जटिल भाषा में होती है कि आम लोग समझ ही नहीं पाते। साथ ही वॉट्सएप और मेटा से हलफनामा मांगा गया है कि वे यूजर्स का डेटा बिना अनुमति शेयर नहीं करेंगे। 9 फरवरी को अगली सुनवाई में अंतरिम आदेश आ सकता है।

वॉट्सएप की दलील

वॉट्सएप ने कहा कि उसकी सर्विस मुफ्त है और सभी डेटा शेयर नहीं किया जाता। कंपनी का दावा है कि निजी चैट एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होती है और वह उन्हें नहीं पढ़ सकती। हालांकि बिजनेस अकाउंट से हुई बातचीत का कुछ डेटा विज्ञापन के लिए इस्तेमाल हो सकता है।

यूजर्स को क्या दिक्कतें हैं?

एक सर्वे के मुताबिक 96% यूजर्स को रोज स्पैम मैसेज मिलते हैं।आधे से ज्यादा लोगों को दिन में कई बार विज्ञापन या ऑफर मैसेज आते हैं। कई यूजर्स ऐसे नंबर ब्लॉक करते हैं, लेकिन स्पैम नए नंबर से फिर आ जाता है।

भारत का डेटा कानून क्या कहता है?

2023 के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट (DPDP Act) के तहत यूजर अपने डेटा का मालिक है। कंपनी बिना साफ अनुमति के डेटा नहीं ले सकती। डेटा का इस्तेमाल सिर्फ उसी काम के लिए होगा, जिसके लिए लिया गया है। डेटा लीक या लापरवाही पर 250 करोड़ रुपए तक जुर्माना लग सकता है।

आगे क्या हो सकता है?

कोर्ट के पास कई विकल्प हैं। कोर्ट वॉट्सएप को प्राइवेसी पॉलिसी बदलने का आदेश दे सकता है। CCI को फिर से जांच करने का निर्देश दे सकता है। सरकार को नए सख्त नियम बनाने का आदेश दे सकता है। 

क्या सच में वॉट्सएप भारत छोड़ देगा?

फिलहाल इसकी संभावना बहुत कम है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि भारत वॉट्सएप का सबसे बड़ा बाजार है। देश में करीब 85 करोड़ लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। 1.5 करोड़ से ज्यादा छोटे-बड़े बिजनेस इसी से ग्राहकों से जुड़े हैं। भारत से कंपनी को हर साल हजारों करोड़ की कमाई होती है। इसलिए ज्यादा संभावना यही है कि वॉट्सएप कोर्ट के निर्देशों के अनुसार अपनी नीतियों में बदलाव करेगा, न कि देश छोड़ेगा।