PhD का सपना होगा अब आसान: न फॉर्म भरने का झंझट, न बार-बार परीक्षा की टेंशन—पूरे बिहार में बस एक टेस्ट, 100 छात्र जाएंगे सात समंदर पार!
बिहार सरकार नए सत्र से विश्वविद्यालयों में PhD नामांकन के लिए एक कॉमन एंट्रेंस टेस्ट और NET की तर्ज पर BET परीक्षा शुरू करने जा रही है। साथ ही 100 छात्रों को विदेश भेजने के लिए मुख्यमंत्री स्कॉलरशिप योजना को भी मंजूरी दी गई है।
Patna - बिहार के विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और नामांकन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। नए शैक्षणिक सत्र से राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में पीएचडी (PhD) में नामांकन के लिए अब अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं नहीं देनी होंगी। पूरे राज्य के लिए अब एक ही 'प्री-पीएचडी टेस्ट' आयोजित किया जाएगा।
एक परीक्षा से मिलेगा सभी यूनिवर्सिटी में मौका
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा तैयार प्रस्ताव के अनुसार, अब छात्रों को हर विश्वविद्यालय के लिए अलग आवेदन और परीक्षा के चक्कर से मुक्ति मिलेगी। बिहार राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद ने यह निर्णय लिया है कि एक ही परीक्षा के माध्यम से विषयवार सीटों की उपलब्धता और आरक्षण रोस्टर के आधार पर छात्रों का नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा। इस प्रस्ताव को जल्द ही राज्यपाल सह कुलाधिपति के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
NET की तर्ज पर शुरू होगा 'BET'
राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor) बनने की योग्यता के लिए अब यूजीसी-नेट (UGC-NET) की तर्ज पर बिहार में बेट (Bihar Eligibility Test - BET) शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इससे राज्य के मेधावी छात्रों को स्थानीय स्तर पर प्राध्यापक बनने के अधिक अवसर प्राप्त होंगे।
मुख्यमंत्री स्कॉलरशिप: 100 छात्र जाएंगे विदेश
उच्च शिक्षा निदेशालय ने 'मुख्यमंत्री स्कॉलरशिप योजना' को भी अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रतिवर्ष 100 मेधावी छात्र-छात्राओं को विदेश के नामचीन संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए पूरी स्कॉलरशिप दी जाएगी। इसके साथ ही राज्य सरकार ने शोधरत छात्रों के लिए 'मुख्यमंत्री पीएचडी फैलोशिप योजना' और 'आर्यभट्ट बिहार रिसर्च प्रोजेक्ट स्कीम' पर भी कार्य शुरू कर दिया है।
शिक्षा विभाग के अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:
4 वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम: बीएससी, बीए और बीएड के लिए चार वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम (Integrated Course) की संरचना तैयार की जाएगी।
वार्षिक प्रतिवेदन: बिहार राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद के लिए नया प्रतीक चिह्न (Logo), नियमावली और वार्षिक प्रतिवेदन तैयार करने पर सहमति बनी है।