केंद्रीय विद्यालयों में विशेष शिक्षक की होगी बहाली, 987 पदों पर सुनहरा मौका, पढ़िए चयन प्रक्रिया और परीक्षा पैटर्न

KVS Teacher Job News:अगर आप शिक्षा के क्षेत्र में मुकम्मल करियर बनाना चाहते हैं और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के साथ काम करने का जज़्बा रखते हैं, तो यह खबर आपके लिए किसी सुनहरे मौके से कम नहीं।

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केंद्रीय विद्यालयों में विशेष शिक्षक की बहाली- फोटो : X

KVS Teacher Job News:केंद्रीय विद्यालय संगठन  ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विशेष शिक्षकों  की एक महत्वपूर्ण भर्ती की घोषणा की है। यह भर्ती समावेशी शिक्षाके ढांचे को मजबूत करने और 'दिव्यांग' या विशेष आवश्यकता वाले बच्चों  को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की जा रही है। अगर आप शिक्षा के क्षेत्र में मुकम्मल करियर बनाना चाहते हैं और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के साथ काम करने का जज़्बा रखते हैं, तो यह खबर आपके लिए किसी सुनहरे मौके से कम नहीं। केंद्रीय विद्यालय संगठन ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्पेशल एजुकेटर पदों पर भर्ती को लेकर अहम जानकारी साझा की है। यह पहल उन अभ्यर्थियों के लिए राहत और उम्मीद का पैगाम है, जो लंबे अरसे से केंद्रीय विद्यालयों में नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे।

जारी शॉर्ट नोटिफिकेशन के मुताबिक देशभर के केंद्रीय विद्यालयों में कुल 987 पदों को मंजूरी दी गई है। इनमें 493 पद TGT (ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर) स्पेशल एजुकेटर के हैं, जबकि 494 पद PRT (प्राइमरी टीचर) स्पेशल एजुकेटर के लिए निर्धारित किए गए हैं। ये नियुक्तियां अलग-अलग रीजन में की जाएंगी, ताकि विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सहयोग मिल सके और पढ़ाई का स्तर बुलंद हो।

विशेष शिक्षक के रूप में नियुक्त होने के लिए उम्मीदवारों को भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) द्वारा निर्धारित मानकों और केवीएस के विशिष्ट नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

1. पीआरटी (प्राथमिक शिक्षक) विशेष शिक्षक

शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार को कम से कम 50% अंकों के साथ 12वीं कक्षा (सीनियर सेकेंडरी) उत्तीर्ण होना चाहिए।

व्यावसायिक योग्यता: विशेष शिक्षा (Special Education) में दो वर्षीय डिप्लोमा।

अनिवार्य परीक्षा: सीबीएसई द्वारा आयोजित CTET पेपर-I उत्तीर्ण होना आवश्यक है।

आयु सीमा: अधिकतम 30 वर्ष (आरक्षित श्रेणियों को नियमानुसार छूट)।[5] 

2. टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) विशेष शिक्षक

शैक्षणिक योग्यता: न्यूनतम 50% अंकों के साथ स्नातक (Graduation) की डिग्री।

व्यावसायिक योग्यता: विशेष शिक्षा में बी.एड. (B.Ed. Special Education) या सामान्य बी.एड. के साथ विशेष शिक्षा में एक वर्षीय डिप्लोमा।

अनिवार्य परीक्षा: CTET पेपर-II उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।[4]

पंजीकरण: भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) के साथ एक वैध पंजीकरण होना आवश्यक है।

आयु सीमा: अधिकतम 35 वर्ष।

संकेत मिले हैं कि आवेदन प्रक्रिया फरवरी 2026 के पहले सप्ताह से शुरू हो सकती है। फिलहाल विस्तृत अधिसूचना जारी होना बाकी है, जिसमें पात्रता, चयन प्रक्रिया और अन्य शर्तों का पूरा ब्यौरा दिया जाएगा। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे KVS की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।

चयन प्रक्रिया को दो मुख्य चरणों में विभाजित किया गया है ताकि उम्मीदवारों की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों क्षमताओं का परीक्षण किया जा सके।[6] [8]

चरण 1: लिखित परीक्षा (CBT)

यह एक कंप्यूटर आधारित परीक्षा होगी जिसमें कुल 180 अंक निर्धारित हैं।[6] पाठ्यक्रम में निम्नलिखित विषय शामिल होंगे:

सामान्य अंग्रेजी और हिंदी

तार्किक क्षमता (Reasoning Ability)

विशेष शिक्षा और बाल विकास से संबंधित विषय-विशिष्ट प्रश्न।[6] [9]

चरण 2: साक्षात्कार और क्लास डेमो

लिखित परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवारों को साक्षात्कार (Interview) और शिक्षण प्रदर्शन (Class Demo) के लिए बुलाया जाएगा, जिसका कुल भार 60 अंक होगा।[6]

अंतिम मेरिट लिस्ट का निर्धारण: अंतिम चयन के लिए वेटेज का अनुपात में होगा

केवीएस विशेष शिक्षक भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया फरवरी 2026 के पहले सप्ताह में शुरू होने की संभावना है।इच्छुक उम्मीदवार केवीएस की आधिकारिक वेबसाइट kvsangathan.nic.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।

चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतन पैकेज प्रदान किया जाएगा। टीजीटी और पीआरटी पदों के लिए अनुमानित वेतन ₹45,000 से ₹55,000 प्रति माह के बीच होगा। विस्तृत वेतन संरचना सातवें वेतन आयोग (7th CPC) के पे-मैट्रिक्स लेवल के अनुसार निर्धारित की जाएगी।

केवीएस विशेष शिक्षक भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया फरवरी 2026 के पहले सप्ताह में शुरू होने की संभावना है।इच्छुक उम्मीदवार केवीएस की आधिकारिक वेबसाइट kvsangathan.nic.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।

यह भर्ती न सिर्फ रोजगार का अवसर है, बल्कि समाज के विशेष बच्चों के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी भी है।