Bihar Sarkari Job:एक करोड़ नौकरियों का रोडमैप तैयार, इस दिन से खुलेगा पिटारा, हर विभाग में नोडल अफसर तैनात! रोजगार पर नीतीश का खास फोकस

Bihar Sarkari Job:बिहार की राजनीति में युवाओं और रोजगार का सवाल एक बार फिर सबसे ऊपर आ गया है।

Nitish Unveils Roadmap for 10 Million Jobs
एक करोड़ नौकरियों का रोडमैप तैयार- फोटो : social Media

Bihar Sarkari Job:बिहार की राजनीति में युवाओं और रोजगार का सवाल एक बार फिर सबसे ऊपर आ गया है। सूबे की सरकार ने एक करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देने की बड़ी कवायद शुरू कर दी है। इसे लेकर अब महज़ एलान नहीं, बल्कि ज़मीनी तैयारी की शुरुआत हो चुकी है। सरकार यह जानने में जुटी है कि कौन सा विभाग अभी रोजगार सृजन के लिए क्या कर रहा है और आने वाले वक्त में कौन-कौन से नए विकल्प और संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं। इसी मक़सद से हर विभाग में एक नोडल पदाधिकारी की नियुक्ति की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, इन नोडल पदाधिकारियों की ज़िम्मेदारी होगी कि वे अपने-अपने विभाग में नई नौकरी और रोजगार से जुड़ी तमाम गतिविधियों का ब्योरा इकट्ठा करें। यह पूरी कवायद युवा, रोजगार एवं कौशल विभाग की निगरानी में की जा रही है। विभाग ने इस संबंध में राज्य के सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव को पत्र लिखकर स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं।

सरकारी लेटर में बताया गया है कि बिहार सरकार ने 2025 से 2030 के बीच एक करोड़ नई नौकरी और रोजगार सृजन का लक्ष्य तय किया है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को अमली जामा पहनाने के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति सरकार को परामर्श देगी और रोजगार नीति को दिशा दिखाएगी।

पत्र के मुताबिक, राज्य सरकार के सभी विभागों को एक विस्तृत कार्य योजना बनानी होगी। इस कार्य योजना में यह साफ़ तौर पर बताना होगा कि वर्तमान में वे किन क्षेत्रों में नौकरी और रोजगार सृजन के लिए काम कर रहे हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट करना होगा कि भविष्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए वे किन-किन सेक्टरों पर दांव लगाएंगे। कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास जैसे विभागों से विशेष उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।

दरअसल, नोडल पदाधिकारी इस पूरी मुहिम की रीढ़ माने जा रहे हैं। ये अफसर न सिर्फ़ सूचनाएं जुटाएंगे, बल्कि अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल भी बनाएंगे, ताकि रोजगार सृजन की पहल बिखरी न रहे, बल्कि एक संगठित रणनीति के तहत आगे बढ़े। सरकार ने सभी विभागों से एक-एक नोडल पदाधिकारी का नाम मांगा है और कृषि समेत कई विभागों में नियुक्तियां भी हो चुकी हैं।

युवा, रोजगार एवं कौशल विभाग के मुताबिक, इस मसले पर गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक 12 दिसंबर को हो चुकी है। बैठक में यह तय किया गया कि एक करोड़ नई नौकरी और रोजगार सृजन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर विभाग को अपनी भूमिका तय करनी होगी। कुल मिलाकर, बिहार सरकार रोजगार के सवाल पर अब सियासी बयानबाज़ी से आगे बढ़कर एक ठोस रोडमैप तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है, जिस पर अब युवाओं की निगाहें टिकी हैं।