Success Story: समोसे में मसाला भरकर सपनों में डाली जन, JEE में AIR 6 पाने वाले मोहन अभ्यास की कहानी

आज हम आपको मोहन अभ्यास की कहानी बता रहे हैं जो संघर्ष, दृढ़ संकल्प और सफलता का एक प्रेरक उदाहरण है। एक गरीब परिवार में जन्मे, मोहन के पिता समोसे बेचते थे। मोहन ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से JEE में AIR 6 हासिल की। ​​

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Success Story: सफलता किसी की मोहताज नहीं होती, यह तेलंगाना के मोहन अभ्यास ने साबित कर दिखाया है। कभी समोसे में मसाला भरकर खाने वाला यह लड़का आज अपनी मेहनत और लगन से लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा बन गया है। आर्थिक तंगी, मुश्किल हालात और सीमित संसाधनों के बावजूद मोहन ने JEE Main 2017 में ऑल इंडिया छठी रैंक (AIR 6) हासिल कर सबको चौंका दिया। उनकी सफलता बताती है कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी बाधा सपनों को पूरा करने से नहीं रोक सकती।


मोहन अभ्यास एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता समोसे बेचते थे और मां गृहिणी थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि पढ़ाई के साथ-साथ मोहन को अपने पिता के छोटे से ठेले पर समोसे बनाने में भी मदद करनी पड़ती थी। लेकिन इन मुश्किलों ने मोहन को कमजोर नहीं किया, बल्कि उसकी इच्छाशक्ति को और मजबूत किया।

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मोहन को बचपन से ही पढ़ाई में रुचि थी। स्कूल जाने से पहले वह हर रोज दुकान पर पिता की मदद करता और फिर पढ़ाई में जुट जाता। उसके पास अच्छे संसाधन नहीं थे, पर उसने हार नहीं मानी। उसने इंटरनेट और ऑनलाइन स्टडी मैटेरियल की मदद ली और खुद को जेईई के लिए तैयार किया।

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मोहन ने नारायण जूनियर कॉलेज से पढ़ाई की और हर सेकंड का सही इस्तेमाल किया। कॉलेज के बाद भी वह वहीं रहा और पढ़ाई जारी रखी, क्योंकि घर में शांतिपूर्ण माहौल नहीं था। उसकी मेहनत और टाइम मैनेजमेंट का नतीजा यह रहा कि उसने जेईई मेन 2017 में एआईआर 6 हासिल की।


मोहन अभ्यास ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया। उसने बताया कि उसका आदर्श डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम हैं और वह भी उन्हीं के पदचिन्हों पर चलकर वैज्ञानिक बनना चाहता है। उसने यह भी बताया कि वह खुद को एक साधारण छात्र के रूप में देखता था, लेकिन लगन, मेहनत और दृढ़ संकल्प ने उसे असाधारण बना दिया।