Bihar Crime: सरकारी जमीन पर मिट्टी का खेल, चार आरोपियों पर पुलिस का शिकंजा, ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश

Bihar Crime:सरकारी जमीन से अवैध तरीके से मिट्टी काटकर सड़क निर्माण में इस्तेमाल किए जाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। ...

Banka Police Hunt Four in Illegal Soil Mining Case
सरकारी जमीन पर मिट्टी का खेल- फोटो : reporter

Bihar Crime: बांका में सरकारी जमीन से कथित तौर पर अवैध तरीके से मिट्टी काटकर सड़क निर्माण में इस्तेमाल किए जाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। ओढ़नी डैम ओपी थाना क्षेत्र में सामने आए इस प्रकरण में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए चर्चित प्रिंस कंस्ट्रक्शन से जुड़े चार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों को मैदान में उतार दिया है। पुलिस की कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, लेकिन आरोपी पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार बताए जा रहे हैं।मामला बिहार सशस्त्र पुलिस-10 के वाहिनी मुख्यालय के निर्माण से जुड़ी सरकारी जमीन का है। राजस्व विभाग की ओर से मौजा मोथावाड़ी में वाहिनी मुख्यालय के निर्माण के लिए जमीन आवंटित की गई थी। आरोप है कि इसी सरकारी भूमि से बिना अनुमति मिट्टी का अवैध उत्खनन किया गया और काटी गई मिट्टी को नवनिर्मित कटोरिया-टुग्रा सड़क मार्ग के निर्माण में भराव के तौर पर इस्तेमाल कर दिया गया।

सरकारी जमीन से मिट्टी काटे जाने की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। इस संबंध में ओढ़नी डैम ओपी थाना में कांड संख्या 466/26 दर्ज किया गया था। प्राथमिकी सात अगस्त को दर्ज की गई। अनुसंधान आगे बढ़ा तो प्रिंस कंस्ट्रक्शन से जुड़े संवेदक और कर्मचारियों के नाम पुलिस की जांच के घेरे में आए।पुलिस के अनुसार मामले में लालधारी यादव, ओंकार यादव, परशुराम ठाकुर और धनेश्वर यादव की संलिप्तता सामने आई है। इसके बाद चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया।

22 से 25 अगस्त के बीच पुलिस टीमों ने देवघर, चांदन, जमुई और पटना समेत कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की। पुलिस ने आरोपियों को दबोचने के लिए कई जगहों पर दबिश दी, लेकिन हर बार आरोपी टीम के पहुंचने से पहले ही फरार मिले। अब पुलिस उनके संभावित ठिकानों और संपर्क सूत्रों की पड़ताल करते हुए गिरफ्तारी के लिए लगातार दबाव बना रही है।

मामला सरकारी जमीन और कथित अवैध मिट्टी उत्खनन से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने कानूनी कार्रवाई भी तेज कर दी है। आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट हासिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही इश्तेहार चस्पा करने और जरूरत पड़ने पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई के लिए भी कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।पुलिस की लगातार छापेमारी से आरोपियों में हड़कंप मचा हुआ है। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी जमीन से कथित तौर पर कितनी मिट्टी काटी गई, किस स्तर पर अनुमति के नियमों की अनदेखी हुई और इस पूरी गतिविधि में कौन-कौन लोग शामिल थे।

फिलहाल चारों आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, लेकिन पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी है। गैर-जमानती वारंट और आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी से साफ है कि पुलिस इस मामले को लेकर सख्त रुख अपना रही है। अब देखना होगा कि प्रिंस कंस्ट्रक्शन से जुड़े ये आरोपी पुलिस के शिकंजे में कब आते हैं और जांच के दौरान इस कथित मिट्टी घोटाले की और कितनी परतें खुलती हैं।

चंद्रशेखर कुमार भगत कि रिपोर्ट