Bihar teacher murder: नकाबपोश बदमाशों ने शिक्षक को गोलियों से भूना, कनपटी,सीना और हाथ में दागी 3 गोलियां, मौके पर ही मौत, इलाके में दहशत

Bihar teacher murder: अपराधियों ने एक शिक्षक को बीच रास्ते में घेरकर निर्मम तरीके से गोली मार दी। ...

Bhojpur Shooting Masked Assailants Kill Teacher in Firing At
बदमाशों ने शिक्षक को गोलियों से भूना- फोटो : reporter

Bihar teacher murder:उस वक्त सनसनी फैल गई जब अपराधियों ने एक शिक्षक को बीच रास्ते में घेरकर निर्मम तरीके से गोली मार दी। यह वारदात किसी फिल्मी सीन से कम नहीं थी, लेकिन हकीकत में यह खून से लिखी गई कहानी बन गई, जिसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है।घटना भोजपुर जिले के सिन्हा थाना क्षेत्र अंतर्गत तुलसी छपरा गांव की है।

मृतक की पहचान विश्वनाथ पाल के पुत्र नीरज पाल के रूप में हुई है, जो बड़हरा प्रखंड के फरहदा गांव स्थित कन्या प्राथमिक विद्यालय में नियोजित शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। रोज की तरह सुबह घर से निकले नीरज पाल को क्या पता था कि यह उनका आखिरी सफर साबित होगा। परिजनों के मुताबिक, नीरज पाल सुबह शौच के लिए बधार की ओर गए थे। तभी पहले से घात लगाए बैठे नकाबपोश हथियारबंद अपराधियों ने उन्हें रोक लिया और बेहद करीब से ताबड़तोड़ तीन गोलियां दाग दीं। कनपटी, दाहिने हाथ और सीने में लगी गोलियों ने मौके पर ही उनकी जान ले ली।

गांव के लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक अपराधी वारदात को अंजाम देकर फरार हो चुके थे। घर से महज 500 मीटर की दूरी पर खून से लथपथ शव मिलने से पूरे इलाके में कोहराम मच गया। परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। पत्नी प्रमिला देवी ने बताया कि पिछले छह महीने से पड़ोसियों के साथ नाली निकालने को लेकर विवाद चल रहा था। कई बार गाली-गलौज और धमकी की बातें भी सामने आई थीं। आशंका जताई जा रही है कि इसी रंजिश ने इस खूनी वारदात का रूप लिया।

घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ-2 रंजीत कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। एफएसएल टीम को भी बुलाया गया है, जिसने घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान और टावर डंप के आधार पर अपराधियों की पहचान की प्रक्रिया तेज कर दी है। एसडीपीओ ने बताया कि सभी एंगल से जांच की जा रही है चाहे वह पुराना विवाद हो या कोई साजिश। जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

मृतक अपने परिवार में पांच भाइयों में छठे स्थान पर थे और दो छोटे बच्चों के पिता थे। उनकी असमय मौत से घर में मातम पसरा हुआ है। पत्नी, मासूम बच्चे और परिजन बदहवासी में हैं, हर आंख नम है और हर दिल में गुस्सा और दर्द भरा हुआ है। भोजपुर की यह वारदात एक बार फिर यह सवाल छोड़ गई है कि आखिर कब तक मामूली विवाद खून की भाषा बोलते रहेंगे और कब तक कानून के डर को अपराधियों की बंदूकें चुनौती देती रहेंगी।

रिपोर्ट- आशीष कुमार