Bihar EOU Raid: बिहार भवन निर्माण विभाग के इंजीनियर पर EOU का शिकंजा, 6 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
Bihar EOU raid: आर्थिक अपराध इकाई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भवन निर्माण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी शुरू की है।
Bihar EOU Raid: बिहार में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए भवन निर्माण विभाग के अधीक्षक अभियंता पवन कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में EOU की टीम ने पटना, भागलपुर, नोएडा और नई दिल्ली समेत छह अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की है।
सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में पवन कुमार के पास उनकी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति होने के संकेत मिले हैं। आर्थिक अपराध इकाई की जांच में अब तक लगभग 3 करोड़ 89 लाख रुपये की संदिग्ध संपत्ति का खुलासा हुआ है, जो उनकी वैध आय के मुकाबले काफी अधिक बताई जा रही है। इसी आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विशेष न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त किया गया।
वर्तमान में पवन कुमार भवन निर्माण विभाग के भवन निरूपण अंचल-1, पटना में अधीक्षक अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। बुधवार सुबह से ही EOU की कई टीमें उनके विभिन्न परिसरों में दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच में जुटी हुई हैं।
पटना के उत्तरी श्रीकृष्णापुरी स्थित यमुना अपार्टमेंट के फ्लैट संख्या 305/B में सुबह करीब आठ बजे से तलाशी अभियान चल रहा है। बताया जा रहा है कि यह 3BHK फ्लैट है, जहां पवन कुमार पिछले कई वर्षों से रह रहे हैं। इसके अलावा उनके पटना स्थित कार्यालय और भागलपुर के तिलकामांझी इलाके में स्थित आनंदगढ़ कॉलोनी के आवास की भी तलाशी ली जा रही है।जांच का दायरा बिहार से बाहर भी फैला हुआ है। EOU की अलग-अलग टीमें नोएडा सेक्टर-75 स्थित फ्लैट, नोएडा के एक अन्य आवासीय परिसर तथा नई दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 स्थित फ्लैट में भी दस्तावेजों और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी बैंक खातों, निवेश, अचल संपत्तियों, बीमा पॉलिसियों और अन्य वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि तलाशी के दौरान मिले दस्तावेज कई और बड़े खुलासे कर सकते हैं।फिलहाल EOU की कार्रवाई जारी है। जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि अधीक्षक अभियंता पवन कुमार ने कथित तौर पर इतनी बड़ी संपत्ति किस स्रोत से अर्जित की और क्या इसमें किसी बड़े नेटवर्क या विभागीय मिलीभगत की भी भूमिका रही है। बिहार के प्रशासनिक गलियारों में इस कार्रवाई को लेकर भारी चर्चा है।
रिपोर्ट- रंजीत कुमार