Bihar Crime: दूसरे राज्यों में लूट को अंजाम देकर बिहार में अपराधी ले रहे पनाह, जेल से नेटवर्क चलाने का हुआ खुलासा
Bihar Crime: मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और कर्नाटक में बैंक और ज्वेलरी शॉप लूट की वारदातों के बाद बिहार में छिपकर बैठने वाले अंतरराज्यीय अपराधियों के खिलाफ एसटीएफ ने बड़ा अभियान चलाया है।...
Bihar Crime: मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और कर्नाटक में बैंक और ज्वेलरी शॉप लूट की वारदातों के बाद बिहार में छिपकर बैठने वाले अंतरराज्यीय अपराधियों के खिलाफ एसटीएफ ने बड़ा अभियान चलाया है। बिहार एसटीएफ ने इस साल जनवरी से जुलाई के बीच कार्रवाई करते हुए 113 अपराधियों को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि दूसरे राज्यों में संगीन वारदातों को अंजाम देने के बाद गिरोह के सदस्य बिहार के अलग-अलग जिलों में पनाह लेते थे।एसटीएफ की कार्रवाई में 8 किलो 840 ग्राम सोना, 44 किलो चांदी और 11.97 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा 26 देसी कट्टा व पिस्टल, 71 कारतूस और 440 ग्राम हेरोइन भी जब्त की गई है। इस कार्रवाई से अंतरराज्यीय लूट गिरोह के नेटवर्क की कई अहम कड़ियां सामने आई हैं।
बैंक और सोना लूट के बढ़ते मामलों को देखते हुए बिहार एसटीएफ ने विशेष टीम गठित की है। यह टीम बैंक और ज्वेलरी लूट से जुड़े मामलों में लगातार आरोपितों की तलाश करती है। दूसरे राज्यों की पुलिस से मिले इनपुट, तकनीकी जांच और सर्विलांस के आधार पर अपराधियों तक पहुंच बनाई जाती है।
कर्नाटक के मैसूर में 16 जनवरी को ज्वेलरी शॉप में हुई लूट के आरोपित मार्च में वैशाली से पकड़े गए। वहीं पश्चिम बंगाल के हुगली में ज्वेलरी शॉप लूट के मामले में पटना के खगौल से तीन अपराधी गिरफ्तार हुए। इनके पास से 5.79 किलो सोने के बिस्किट व गहने और नकदी बरामद हुई।
ओडिशा के कोइंझर में बैंक ऑफ महाराष्ट्र लूट के मामले में औरंगाबाद के दाउदनगर से दो आरोपित दबोचे गए। इनके पास से 237.30 ग्राम सोना और करीब चार किलो चांदी बरामद हुई। मध्यप्रदेश के जबलपुर में हुई ज्वेलरी लूट के आरोपित गया से पकड़े गए और उनके कब्जे से 750 ग्राम लूटा हुआ सोना मिला।
जांच में गिरोह के जेल कनेक्शन का भी पता चला है। इसके बाद जेल में बंद अपराधियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। गया के एस ब्रदर्स ज्वेलरी लूटकांड में भी तीन अपराधियों को गिरफ्तार कर 276 ग्राम सोने के आभूषण, हथियार, कारतूस और नकदी बरामद की गई।एसटीएफ की लगातार कार्रवाई से साफ है कि पुलिस ने बिहार को अंतरराज्यीय लूट के बाद छिपने और नेटवर्क संचालित करने का सुरक्षित ठिकाना बनाने वाले अपराधियों के खिलाफ शिकंजा कस दिया है।