जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता निकला भ्रष्टाचारी ! निगरानी इकाई की पटना से बांका तक कई जगहों पर छापेमारी

आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के मामलों में जांच एजेंसी यह पता लगाती है कि किसी सरकारी अधिकारी की ज्ञात और वैध आय की तुलना में उसके पास मौजूद संपत्ति या खर्च कितना अधिक है।

Bihar SVU Raid
Bihar SVU Raid - फोटो : news4nation

Bihar News :  बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के तहत विशेष निगरानी इकाई (SVU)पटना ने लघु जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता हरेन्द्र कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। मामला 10 अगस्त 2026 को दर्ज किया गया था। वहीं मामला दर्ज होने के अगले ही दिन यानी 11 अगस्त 2026 को विशेष निगरानी इकाई की टीम ने हरेन्द्र कुमार से जुड़े चार ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया है। हरेन्द्र कुमार वर्तमान में लघु जल संसाधन विभाग, बांका प्रमंडल, बांका के कार्यपालक अभियंता के पद पर कार्यरत हैं।


SVU के अनुसार तलाशी अभियान पटना, वैशाली और बांका में चलाया जा रहा है। जिन चार ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है, उनमें फ्लैट नंबर 307, जनक नंदिनी अपार्टमेंट, महावीर नगर, पत्रकार नगर थाना क्षेत्र, पटना। बेउर चौराहा स्थित छह मंजिला मकान, बैर, पटना। ग्राम सिमरवारा, थाना पातेपुर, जिला वैशाली स्थित परिसर। कार्यपालक अभियंता, लघु जल संसाधन विभाग, बांका का कार्यालय शामिल है।


विशेष निगरानी इकाई ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में यह कार्रवाई शुरू की है। तलाशी के दौरान चल-अचल संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय लेन-देन और अन्य महत्वपूर्ण कागजात की जांच की जा सकती है। हालांकि, तलाशी से क्या-क्या बरामद हुआ है, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। SVU की ओर से कहा गया है कि तलाशी अभियान के परिणाम और बरामदगी से संबंधित जानकारी बाद में उपलब्ध कराई जाएगी।


क्या है आय से अधिक संपत्ति का मामला?

आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के मामलों में जांच एजेंसी यह पता लगाती है कि किसी सरकारी अधिकारी की ज्ञात और वैध आय की तुलना में उसके पास मौजूद संपत्ति या खर्च कितना अधिक है। जांच के दौरान अधिकारी की संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश, जमीन-मकान और अन्य वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जाती है।


फिलहाल हरेन्द्र कुमार के मामले में SVU की तलाशी जारी है और बरामदगी या संपत्ति के कुल मूल्य को लेकर कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। तलाशी पूरी होने के बाद ही मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

अनिल की रिपोर्ट