Gangster Aman Sahu Encounter:अमन साहू एनकाउंटर का कानपूर के विकास दुबे के गाडी पलटने से क्या है कनेक्शन !

Aman Sahu Gangster Encounter: झारखंड पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू को पलामू में मुठभेड़ में मार गिराया. बताया जा रहा है कि अमन ने बिलकुल विकास दुबे की तरह पुलिस गिरफ्त से भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग की, जिसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया

Gangster Aman Sahu Encounter:अमन साहू एनकाउंटर का कानपूर के
मन साहू एनकाउंटर का कानपूर के विकास दुबे कनेक्शन- फोटो : NEWS4NATION

N4N डेस्क :महज 17 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में शिरकत कर झारखंड समेत पड़ोसी राज्यों छत्तीसगढ़,ओड़िसा में खौफ का नाम बने कुख्यात गैंगस्टर अमन साव उर्फ अमन साहू को पुलिस ने एक एनकाउंटर में मार गिराया है। यह एनकाउंटर पलामू जिले के चैनपुर व रामगढ़ थाना के बीच अन्हारी ढोढा गांव के पास हुआ है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इस घटना को यूपी के कानपुर वाले विकास दुबे से जोड़ना शुरू कर दिया हैं। लेकिन अधिकांश लोग झारखंड पुलिस की पीठ थपथपा रहे हैं। कोई इसे विकास दुबे की कहानी से जोड़ रहा है मगर, खौफ की अलामत के अंत पर व्यापारी वर्ग से लेकर कारोबारी और हर आमो खास अब चैन की सांस ले रहे हैं।


विकास दुबे का एनकाउंटर


 सोशल मिडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर इस एनकाउंटर को लेकर सवाल उठा रहे है कि क्या यह कानपुर वाले विकास दुबे की तर्ज पर तो झारखण्ड पुलिस ने तो कही अमन साहू की जिंदगी की गाड़ी पलटा दी है? हालांकि उत्तर प्रदेश में हुई घटना की उच्च स्तरीय जांच में साफ हो गया था कि घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की पुलिस की ओर से दी गई जानकारी पूरी तरह से सही थी।पुलिस ने कानपुर के बिकरू वाले विकास दुबे को भी 10 जुलाई साल 2020 को इसी तरह एनकाउंटर कर दिया था । उसे उज्जैन में गिरफ्तार करने के बाद कानपुर लाया जा रहा था। विकास दुबे की घटना के बारे में पुलिस ने बताया था कि जब उसे कानपुर लाया जा रहा था तो कानपुर से थोड़ा पहले उसकी गाड़ी पलट गई। गाड़ी पलटने के बाद विकास दुबे ने भागने की कोशिश की। उसने एक इंस्पेक्टर की पिस्तौल छीन ली थी। पुलिसकर्मियों ने उसका पीछा किया तो विकास ने पुलिस कर्मियों पर फायर कर दिया। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए विकास दुबे को मार गिराया था। कुछ वैसे ही कहानी झारखंड के कुख्यात बदमाश अमन साहू की भी है। अमन साहू के बारे में पुलिस का कहना है कि उसे छत्तीसगढ़ की रायपुर जेल से झारखंड लाया जा रहा था। गाड़ी जब पलामू जिले के चैनपुर रामगढ़ थाना के बीच अंधारी ढोढा इलाके में पहुंची तो अमन साव के साथियों ने उसको छुड़ाकर ले जाने के लिए पुलिस पर बमों से हमला कर दिया। बताते हैं इसी बीच अमन साहू ने पुलिस के जवान से राइफल छीन कर भागने की कोशिश की। अमन साहू ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी फायरिंग कर गैंगस्टर को ढेर कर दिया। कानपुर वाली कहानी की तरह अमन साहू वाली घटना में भी एक पुलिस जवान के पैर में गोली लगी है। विकास दुबे की घटना के बाद से अब गैंगस्टर की गाड़ी पलटने का सिलसिला बढ़ गया है।

अमन साहू की दहशत


झारखंड में अमन साहू की दहशत थी। अमन साव पुलिस की नाक में दम किए हुए था। राजधानी रांची में इसी सात मार्च को कोयला कारोबारी विपिन मिश्रा को गोली मारने के मामले में भी उसका नाम आया था। अमन साव प्रदेश के बड़े-बड़े कारोबारियों से रंगदारी की वसूली कर रहा था। अमन साहू को पिछले चार साल में 10 अलग-अलग जेल में ट्रांसफर किया जा चुका था। लेकिन हर जेल में वह अपना नेटवर्क बना लेता था और जेल से ही कारोबारी को फोन कर उससे रंगदारी की मांग करता था। अमन साहू का नेटवर्क झारखंड के रांची, रामगढ़, चतरा, धनबाद, हजारीबाग, पलामू, लातेहार और बोकारो इलाके में फैला हुआ था। अमन साहू पर 50 से अधिक लोगों ने रंगदारी वसूलने के केस दर्ज कराए थे। अमन साहू के गुर्गे कोयला कंपनियों, कोयला कारोबारियों, ट्रांसपोर्टर, बिल्डर, ठेकेदार और बड़े-बड़े व्यवसाइयों से रंगदारी वसूलते थे। जो रंगदारी देने में आनाकानी करता था उसको गोली मार दी जाती थी।


लॉरेंस बिश्नोई से था अमन साहू का कनेक्शन


बताते हैं कि अमन साहू का एक बड़ा नेटवर्क है। अमन साहू गिरोह का कनेक्शन लॉरेंस बिश्नोई गैंग से था। अमन साहू लॉरेंस बिश्नोई और उसके छोटे भाई अनमोल बिश्नोई से भी सोशल मीडिया के जरिए जुड़ा रहता था। बताते हैं कि अमन साहू का संपर्क लॉरेंस बिश्नोई से अमन के राइट हैण्ड मयंक सिंह ने कराया था।


हथियारों का शौकीन था अमन साव


बताते हैं कि अमन साहू हथियारों का शौकीन था। वह अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर तरह-तरह के हथियार लिए अपनी फोटो डालता रहता था। उसके पास अत्याधुनिक हथियार थे।


विपिन शर्मा पर फायरिंग मामले में होनी थी पूछताछ

रांची में कोयला कारोबारी विपिन शर्मा पर सात मार्च को फायरिंग हुई थी। विपिन शर्मा से रंगदारी मांगी गई थी। नहीं देने पर अमन साहू के गुर्गों ने उस पर फायरिंग की थी। इस केस में अमन साहू गिरोह के चंदन साहू का नाम आया था। चंदन भी कई दिनों से जेल में बंद है। विपिन मिश्रा ने पुलिस को बताया था कि वह घटना वाले दिन रोज की तरह सुबह 5:45 बजे हजारीबाग जाने के लिए सरकारी बॉडीगार्ड भगवान माहली, निजी बॉडीगार्ड अशोक तिवारी और चालक दीपक लकड़ा के साथ निकले थे। टर्निंग पर चार पहिया वाहन की वजह से गाड़ी को रोका गया और तभी बाईं तरफ से दो बदमाश पहुंचे और फायरिंग करने लगे थे। एक गोली शीशा तोड़ते हुए गर्दन में और दूसरी विपिन मिश्रा के हाथ में लगी थी। बॉडीगार्ड ने गाड़ी का गेट खोला और बचाव में फायरिंग की थी। इसके बाद दोनों बदमाश और उनका एक अन्य सहयोगी जो बाइक पर मौजूद था, भाग निकले थे। अंगरक्षकों ने बदमाशों का पीछा किया था। लेकिन वह पकड़ में नहीं आए थे। पुलिस की जांच में यह बात सामने आने के बाद अमन साहू को इसी मामले में पूछताछ के लिए रांची लाया जा रहा था। तभी पलामू जिले में अमन साव की जिंदगी की गाड़ी पलट गई।



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