नवादा में साइबर गिरोह का पर्दाफाश: लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले चार अपराधी गिरफ्तार, मोबाइल और डेटा बरामद

Bihar News : नवादा पुलिस द्बारा साइबर अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गुप्त सूचना पर छापेमारी कर 4 साइबर अपराधियों को धर दबोचा है.....

नवादा में साइबर गिरोह का पर्दाफाश: लोन दिलाने के नाम पर ठगी
नवादा में साइबर गिरोह का पर्दाफाश- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada : जिले में साइबर अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के निर्देश पर वारिसलीगंज थाना प्रभारी पंकज कुमार सैनी के नेतृत्व में की गई छापेमारी में चार साइबर अपराधियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। इनके पास से पुलिस ने सात एंड्रॉयड मोबाइल फोन, दो पन्नों का विस्तृत ग्राहक डेटा और एक फिंगरप्रिंट क्लोनिंग मशीन बरामद की है। यह कार्रवाई जिले में सक्रिय साइबर नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।


थाना प्रभारी पंकज कुमार सैनी ने गुप्त सूचना के आधार पर अपराधियों को दबोचने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया था, जिसमें स्थानीय पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम चैनपुरा स्थित विकास ईंट भट्ठा और ग्राम नारोमुरार के दुर्गा मंदिर के समीप एक बगीचे में छापेमारी की। पुलिस की अचानक घेराबंदी देख अपराधी भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए चारों को मौके पर ही धर दबोचा।


पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अपराधियों ने अपने ठगी के तौर-तरीकों का खुलासा किया। ये अपराधी धनी फाइनेंस, बजाज फाइनेंस और अन्य प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रतिनिधि बनकर आम लोगों को कम ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा देते थे। इसके लिए वे अवैध रूप से प्राप्त किए गए ग्राहक डेटा का उपयोग करते थे, जिसमें लोगों के नाम, पते और मोबाइल नंबर दर्ज होते थे। झांसे में लेकर वे प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्कों के नाम पर ग्राहकों से अपने खातों में पैसे मंगवा लेते थे।


गिरफ्तार अभियुक्तों में वारिसलीगंज के मोसमा निवासी 39 वर्षीय पिंटू कुमार यादव और 27 वर्षीय सूरज कुमार शामिल हैं। वहीं, इस गिरोह के तार पड़ोसी जिले नालंदा से भी जुड़े पाए गए हैं, जहां कतरीसराय थाना क्षेत्र के तारा बिगहा निवासी 21 वर्षीय अंकित कुमार और 22 वर्षीय सौरव कुमार को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से मिली फिंगरप्रिंट मशीन और डेटा शीट इस बात का प्रमाण है कि यह गिरोह काफी संगठित तरीके से जालसाजी को अंजाम दे रहा था।


इस मामले में वारिसलीगंज थाना में कांड संख्या 309/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न सुसंगत धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 66, 66बी, 66सी एवं 66डी के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके द्वारा ठगे गए रुपयों के लेन-देन के स्रोतों की गहराई से जांच कर रही है ताकि पूरे सिंडिकेट का खुलासा किया जा सके।


अमन सिन्हा की रिपोर्ट