Bihar Crime: बंद कमरे में खूनी वारदात, पत्नी की गला कटने से मौत, पति की दोनों कलाई की नसें कटीं, गया में सुबह दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे बेटे तो उड़ गए होश

Bihar Crime: पति-पत्नी खून से लथपथ मिले, मगध मेडिकल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा मनोज, फॉरेंसिक टीम ने संभाला मोर्चा, पुलिस खंगाल रही वारदात की पूरी कड़ी

Gaya Horror Wife Killed Husband Critically Injured in Attack
बंद कमरे में खूनी वारदात- फोटो : reporter

Bihar Crime: गया जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बाराडीह में रविवार की सुबह बंद कमरे से पति-पत्नी की खून से लथपथ हालत में बरामदगी के बाद सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में पति-पत्नी के बीच जानलेवा हमला होने की बात सामने आई है। घटना में फेंकनी देवी की मौत हो गई, जबकि उसके पति मनोज कुमार गंभीर रूप से घायल मिले। मनोज के दोनों हाथों की नसें कटी हुई थीं। उसे इलाज के लिए मगध मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।घटना की जानकारी मिलते ही मुफस्सिल पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ यह पता लगाने में लगी है कि बंद कमरे के भीतर शनिवार की रात आखिर क्या हुआ था।

दरवाजा नहीं खुला तो वेंटिलेटर से अंदर भेजा 12 साल का बेटा

मृतका के बड़े बेटे नीतीश कुमार के मुताबिक परिवार के दो घर आसपास हैं। एक घर में बच्चे और दादी सोते हैं, जबकि दूसरे घर में मनोज और फेंकनी देवी रहते थे। शनिवार रात सभी ने साथ खाना खाया और फिर अपने-अपने घर में सोने चले गए।रविवार सुबह नीतीश अपने माता-पिता को जगाने पहुंचा। उसने दरवाजा खटखटाया और आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर उसने अपने 12 वर्षीय भाई आजाद को वेंटिलेटर के रास्ते कमरे के अंदर भेजा। आजाद ने अंदर से दरवाजा खोला।इसके बाद दोनों भाई कमरे में पहुंचे तो सामने का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। मनोज खून से लथपथ हालत में दर्द से कराह रहा था, जबकि फेंकनी देवी मृत पड़ी थी।

ब्लेड से हमला होने की आशंका, जांच में जुटी पुलिस

मुफस्सिल थाना के पुलिस इंस्पेक्टर देवराज इंद्र के अनुसार प्रारंभिक जांच में ब्लेड से वारदात किए जाने की बात सामने आई है। मनोज के दोनों हाथों पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं, जबकि फेंकनी देवी का गला कटा हुआ था। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।फिलहाल पुलिस किसी एक निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। हत्या, आपसी विवाद और घटना के अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

पति के घायल होने के बाद पत्नी करने लगी थी मजदूरी

परिवार के मुताबिक मनोज राजमिस्त्री का काम करता था। पिछले साल दिसंबर में उसकी एक टांग टूट गई थी, जिसके बाद वह काम करने की स्थिति में नहीं रहा। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ने लगी और इलाज के साथ घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया।इसके बाद फेंकनी देवी मजदूरी करने लगी। मजदूरी से मिलने वाली रकम से घर का खर्च और पति की दवा किसी तरह चल रही थी। दंपती के तीन बेटे हैं, जो पढ़ाई करते हैं। उनकी बेटी काजल की शादी हो चुकी है और वह सावन में मायके आई हुई थी।

मजदूरी को लेकर अक्सर होता था विवाद

नीतीश के अनुसार फेंकनी देवी का मजदूरी करना मनोज को पसंद नहीं था। इसे लेकर दोनों के बीच अक्सर कहासुनी होती थी। हालांकि शनिवार की रात दोनों के बीच क्या विवाद हुआ और वह किस तरह खूनी घटना में बदल गया, इसकी जानकारी परिवार के किसी सदस्य को नहीं है।पुलिस इसी बिंदु को भी जांच का हिस्सा बना रही है। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कमरे के भीतर किस परिस्थिति में दोनों घायल हुए और फेंकनी देवी की मौत कैसे हुई।

परिवार की उलझी कहानी भी जांच के दायरे में

मनोज कुमार करीब 35 वर्ष का था। पारिवारिक जानकारी के अनुसार वह तीन भाइयों में एक था। मनोज पहली पत्नी से जन्मा था, जबकि उसके दो अन्य भाई उसके पिता की दूसरी पत्नी से हैं। परिवार की एक और जटिलता यह है कि मनोज की मां और उसके सौतेले भाइयों की मां आपस में सगी बहनें हैं।पुलिस घटना की जांच के दौरान परिवार के आपसी संबंधों, पुराने विवाद और घरेलू परिस्थितियों को भी खंगाल रही है।एक कमरे में पत्नी की मौत और पति का गंभीर हालत में मिलना कई अनसुलझे सवाल छोड़ गया है। अब फॉरेंसिक जांच, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और परिजनों के बयान ही तय करेंगे कि बाराडीह के इस बंद कमरे में शनिवार की रात वास्तव में क्या हुआ था।

रिपोर्ट- प्रेमशंकर