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एक ऑफर और डबल मर्डर गूगल मैप्स से खुला 15 साल पुराने दोहरे हत्याकांड का रहस्य तो सन्न रह गए लोग

Crime News: एक सैन्य अफसर दो दोस्तों के साथ मिलकर शराब पार्टी कर रहा था अचानक दोनों दोस्तों की गोली मारकर हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया.लगभग 15 साल बाद पुलिस द्वारा गूगल मैप के सहारे गिरफ्तार कर लिया गया.

एक ऑफर और डबल मर्डर गूगल मैप्स से खुला 15 साल पुराने दोहरे हत्याकांड का रहस्य तो सन्न रह गए लोग
गूगल मैप्स से खुला 15 साल पुराने दोहरे हत्याकांड का रहस्य- फोटो : Google

N4N डेस्क: तकनीक और सोशल मिडिया के इस चरम युग का न केवल आम लोगो की जिंदगियों पर गहरा असर पड़ रहा है बल्कि पुलिस को भी तमाम अनसुलझे और जटिल क्राइम को सुलझाने में अहम और सफल सहयोग मिल रहा है. इसकी बानगी दिखी जब गूगल मैप्स की मदद से 15 साल पुराने एक दोहरे हत्याकांड का न केवल खुलासा हुआ बल्कि डेढ़ दशक से फरार हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया गया. इस मामले से स्पष्ट होता है आधुनिक तकनीक, विशेष रूप से गूगल मैप्स मुजरिम को पकड़वाने में बेहद मुफ़ीद और कारगर भूमिका निभा रहा है.


हत्या की रात क्या हुआ था?

इस खुनी वारदात को अंजाम देने वाले सेना के पूर्व अफसर को विगत वर्ष अगस्त माह में गूगल मैप के सहायता से गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के बाद इस दोहरे हत्याकांड पर से न केवल पर्दा हटा बल्कि हत्या की रात आखिर क्या हुआ था इस रहस्य का भी खुलासा हो गया. दरअसल, 30 जुलाई 2010 की दरमियानी रात पूर्व सैन्य अफसर पार्विन अपने दो साथियों एडगर लोपेज़ और पाब्लो गुटिरेज़-गुज़मैन के साथ शराब पार्टी कर रह था. पार्टी के दौरान सभी जब नशे के शुरुर में आ गए तो अचानक एक ऑफर को लेकर गुस्से में उसकी अपने दोनों दोस्तों से बहस शुरू हो गई और फिर बहसबाजी ने हिंसक रूप ले लिया तो पार्विन ने गुस्से में आकर अपनी बंदूक निकालकर दोनों को दनादन गोलिया मार कर मौत के घाट उतार दिया और फिर मौके से फरार हो गया.

क्या था वो ऑफर?

मिली जानकारी के अनुसार घटना वाली रात नशे में टुन्न होकर पार्विन ने अपने साथी लोपेज़ को $200  लेकर अपने साथ जिस्मानी ताल्लुकात बनाने की पेशकश की थी. इस ऑफर को सुनकर लोपेज नाराज  हो गया और उसने इस ऑफर को न केवल ठुकरा दिया. बल्कि इस को लेकर दोनों के बीच तीखी बहसबाजी शुरू हो गई. वही साथ रहे पाब्लो गुटिरेज़ ने भी लोपेज का साथ देते हुए पार्विन को समझाने की कोशिश की.लेकिन यह बहसबाजी देखते ही देखते झगड़े में तब्दील हो गई और धक्का मुक्की भी शुरू हो गई. इससे गुस्साए पार्विन ने बन्दुक निकालकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. गोली लगने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई. दो लोगो को मौत के घाट उतारने के बाद लेस्ली टॉड फ़ौरन घटना स्थल से एक वाहन पर सवार होकर फरार हो गया. डबल मर्डर की सुचना पर पहुची पुलिस ने जाँच शुरू करते हुए आरोपी की तलाश शुरू की पर पूर्व सैन्य अफसर बिना कोई सुराग छोड़े गायब हो चूका था.पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी और दिन सप्ताह और महीने साल में तब्दील होते रहे और आरोपी भीड़ में खोकर पुलिस की पकड़ से दूर इत्मिदान से अपनी ज़िन्दगी में मशगुल रहा. लेकिन एक दिन तलाश में जुटी पुलिस टीम को गूगल मैप के जरिए एक बेहद अहम पर सटीक जानकारी हाथ लग गई. 


गूगल मैप्स ने पहुचाया जेल 

दरअसल, इस दोहरे हत्याकांड के चश्मदीदों ने शुरूआती पूछताछ में पुलिस को बताया था कि हत्याकाण्ड  को अंजाम देकर बाद लेस्ली टॉड पार्विन एक हरे रंग की मिनी वैन पर सवार होकर फरार हुआ था. इसके बाद पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर लम्बे वक्त तक निगरानी रखी. उसके रिश्तेदारों और दोस्तों के घरों का पता लगाया जाता रहा. पुलिस ने उसके संभावित कई ठिकानों की जानकारी हासिल करने के बाद अनुमान लगाया कि वह लुइसियाना में छिपा हो सकता है. इसलिए उन्होंने वहां गाड़ियों के लाइसेंस प्लेट की जांच शुरू की. इसी बीच, पुलिस को कोलंबिया नामक एक कस्बे में पार्विन से जुड़े एक पते की जानकारी मिली. जब उन्होंने गूगल मैप्स के ज़रिए उस जगह की खोज की, तो उन्हें घर के ड्राइववे में एक वैन कड़ी देखी. उम्मीद जगी तो गूगल मैप्स की तकनीक की सहायता से वैन को जीरो इन किया तो स्पष्ट हो गया की यह वही हरी मिनी वैन है जिससे गवाहों ने हत्या के वक्त पार्विन को फरार होते देखा था.


गिरफ्तारी और 35 साल की मिली सजा

गूगल मैप्स के ज़रिए गाड़ीे चिन्हित होने  के बाद पुलिस को पूरा यकीन हो गया कि उन्होंने लम्बे समय के बाद ही सही पर डबल मर्डर के आरोपी पार्विन को आखिरकार स्पॉट कर ही लिया है. लेकिन जब पुलिस ने पार्विन के रिश्तेदार से उसे दक्षिण कैरोलाइना लौटने को कहा तो उसने मना कर दिया तो फिर पुलिस द्वारा बीते वर्ष अगस्त में उसे गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ़्तारी के बाद उसके पिता ने बताया कि सेना में 20 साल की सर्विस और इराक-अफगानिस्तान में तैनाती के कारण उसका बेटा पार्विन मानसिक तनाव से गुजर रहा था. 2007 में उसे पोस्ट-ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) होने का पता चला था, जिसे बाद में बचाव पक्ष ने इसे आरोपी पार्विन के बचाव खातिर अदालत में सबसे अहम तर्क के रूप में पेश किया. हालांकि, दो दिन की सुनवाई के बाद जूरी के द्वारा न केवल पार्विन को डबल मर्डर का मुजरिम करार दिया गया बल्कि उसे 35 साल की सजा सुनाई गई. दरअसल, इस फैसले में तकनिकी सुबूत और गूगल मैप की भूमिका बेहद कारगर सबित हुई.

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