Bihar Fake Policeman: वर्दी का खेल बेनकाब, असली पुलिस के जाल में फंसा नकली पुलिसकर्मी, पुलिस लाइन में कई दिनों से कर रहा था रहस्यमयी रेकी

Bihar Fake Policeman: जिस खाकीधारी ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर पुलिस लाइन के आसपास अपना जाल बिछा रखा था, वह आखिरकार असली पुलिस के हत्थे चढ़ गया।...

Katihar Fake Cop Held While Surveying Police Lines in Unifor
असली पुलिस के जाल में फंसा नकली पुलिसकर्मी- फोटो : reporter

Bihar  Fake Policeman: जिस खाकीधारी ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर पुलिस लाइन के आसपास अपना जाल बिछा रखा था, वह आखिरकार असली पुलिस के हत्थे चढ़ गया।कटिहार में पुलिस महकमे को चौंका देने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस लाइन की निगरानी व्यवस्था पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस शख्स ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर पुलिस लाइन के आसपास अपना जाल बिछा रखा था, वह आखिरकार असली पुलिस के हत्थे चढ़ गया। अब यह मामला महज फर्जी पहचान का नहीं, बल्कि संभावित साजिश और गहरी पड़ताल का विषय बन गया है।

कटिहार पुलिस ने कैमूर जिले के रहने वाले सुशील कुमार को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के वक्त उसके पास से पुलिस की वर्दी, जूते और बैज बरामद किए गए हैं। हैरत की बात यह है कि पूछताछ के दौरान उसने खुद को अररिया जिले में तैनात सिपाही बताया, लेकिन जब पुलिस ने उसके दावों की तहकीकात की तो पूरी कहानी ही फर्जी निकली। देखते ही देखते उसका ‘खाकी वाला किरदार’ धराशायी हो गया।

मामले का सबसे दिलचस्प और चिंताजनक पहलू यह है कि आखिर सुशील कुमार पिछले कई दिनों से पुलिस लाइन की रेकी क्यों कर रहा था? उसके इरादे क्या थे? क्या वह किसी बड़ी वारदात की तैयारी में था या फिर पुलिस सिस्टम की गतिविधियों पर नजर रख रहा था? यही सवाल अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी पहेली बनकर खड़े हैं।

सूत्रों की मानें तो आरोपी पिछले कई दिनों से पुलिस लाइन परिसर के आसपास सक्रिय था और वहीं ठहरने की भी चर्चा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। लेकिन अगर यह सच साबित होता है तो सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठना लाजिमी है।

कटिहार डीएसपी विशाल आनंद ने आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। फिलहाल नकली खाकीधारी सलाखों के पीछे है, लेकिन उसके मंसूबों का सच अभी पर्दे के पीछे छिपा हुआ है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह सिर्फ फर्जीवाड़ा था या किसी बड़े खेल की शुरुआती पटकथा।

रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह