Bihar News: रेलवे ट्रैक पर मौत का दांव, बीवी से खफा शख्स ने पटरी पर बिछाई जान, ऐन वक्त पर बची सांसें

Bihar News: बिहार में जुर्म और जज़्बात की सरहदें उस वक्त गड्ड-मड्ड हो गईं, जब एक शख्स घरेलू तकरार के बाद मौत से आंख-मिचौली खेलने रेलवे ट्रैक पर जा लेटा।...

Man Risks Death on Railway Track After Fight With Wife Saved
रेलवे ट्रैक पर मौत का दांव- फोटो : reporter

Bihar News: बिहार में जुर्म और जज़्बात की सरहदें उस वक्त गड्ड-मड्ड हो गईं, जब एक शख्स घरेलू तकरार के बाद मौत से आंख-मिचौली खेलने रेलवे ट्रैक पर जा लेटा। मामला  मुजफ्फरपुर के रामदयालु रेल खंड के भगवानपुर ओवरब्रिज के पास का है, जहां पत्नी से नाराज़ पति ने सुसाइड का खौफनाक इरादा पालते हुए रेल की पटरी को अपनी आख़िरी शरण समझ लिया। गनीमत यह रही कि ट्रेन के दहाड़ने से पहले ही कुछ राहगीरों की नजर पड़ी और वक्त रहते उसे पटरी से हटाकर जान बचा ली गई। वरना हादसा कब्रिस्तान की खामोशी में तब्दील हो सकता था।

बताया जा रहा है कि घर में हुए झगड़े के बाद शख्स का दिमाग उलझ गया। गुस्से और मायूसी में उसने हाजीपुर-मुजफ्फरपुर रेल लाइन के पास जाकर पटरी पर लेटने का फैसला कर लिया। रेल पटरियों पर पसरी उसकी बेबसी किसी ने देख ली। फिर क्या था लोग दौड़े, आवाज़ें लगीं, समझाइश हुई और मौत का मंसूबा नाकाम कर दिया गया। पुलिस और रेलवे से जुड़े अफसर भी मौके पर पहुंचे और हालात को काबू में लिया।

इस पूरे वाकये का वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। हालांकि इस वायरल वीडियो की पुष्टि News4Nation नहीं करता, लेकिन फुटेज में साफ सुना जा सकता है कि पटरी पर लेटा शख्स अफसरों से कह रहा है “बीवी किसी और के चक्कर में है, हमें मरवा दीजिए, जेल भेज दीजिए।” उसकी बातों से ज़ाहिर था कि दिल टूटने की टीस ने उसे इस हद तक धकेल दिया था कि जिंदगी बोझ लगने लगी।

मौके पर मौजूद अधिकारियों ने उससे परेशानी पूछी तो उसने बताया कि पत्नी अब उसे देखना नहीं चाहती, किसी और से ताल्लुक़ात हैं, इसलिए वह जीना नहीं चाहता। इसी दौरान वहां खड़े किसी शख्स ने पूरा माजरा मोबाइल में कैद कर लिया और फिर क्या वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होकर सुर्खियां बटोरने लगा।

अपराध की दुनिया में अक्सर गोलियां चलती हैं, खून बहता है, लेकिन यहां जुर्म जज़्बात का था जहां रिश्तों की दरार ने एक इंसान को मौत की पटरी तक पहुंचा दिया। फिलहाल पुलिस मामले की तह तक जाने में जुटी है, वहीं यह घटना समाज के सामने एक सख्त सवाल छोड़ गई है कि घरेलू कलह और मानसिक तनाव कब जानलेवा बन जाते हैं, इसका अंदाज़ा वक्त रहते क्यों नहीं लगाया जाता।