Bihar Politics: 'हम' ने जारी किया व्हिप! मांझी की पार्टी ने सभी विधायकों को 48 घंटे पटना में रहने का दिया फरमान
बिहार में नई सरकार की सुगबुगाहट के बीच 'हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा' ने अपने सभी विधायकों को अगले दो दिनों तक पटना में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश जारी किया है।
Patna - बिहार के सियासी घटनाक्रम में सोमवार को उस समय नया मोड़ आ गया जब हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन ने पार्टी के सभी विधायकों को तलब कर लिया। पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक निर्देश के अनुसार, सभी विधायकों को 14 और 15 अप्रैल 2026 को हर हाल में पटना स्थित मुख्यालय में उपस्थित रहने को कहा गया है। इस निर्देश के बाद बिहार की राजनीति में अटकलों का बाजार और भी गर्म हो गया है।
पार्टी ने जारी किया अनिवार्य उपस्थिति का निर्देश
पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव राजेश कुमार पाण्डेय द्वारा जारी औपचारिक पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यह आदेश अनुशासन और संगठनात्मक मजबूती के लिए है। पार्टी के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता श्याम सुन्दर शरण ने बताया कि अगले दो दिनों तक सभी विधायकों का पटना में रहना इसलिए जरूरी है ताकि पार्टी की आगामी रणनीतियों और लिए जाने वाले महत्वपूर्ण निर्णयों की सूचना उन्हें बिना किसी देरी के दी जा सके।
राजभवन और सम्राट चौधरी के आवास पर हलचल
एक तरफ जहाँ 'हम' पार्टी अपने विधायकों को एकजुट कर रही है, वहीं दूसरी तरफ राजभवन में भी बड़ी तैयारी चल रही है। राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा ने आज शाम 4:30 बजे पटना के DM, SSP और कमिश्नर के साथ बिहार लोक भवन में होने वाले समारोहों की तैयारी को लेकर बैठक बुलाई है। साथ ही, भाजपा नेता सम्राट चौधरी के आवास पर भी वरिष्ठ नेताओं की बैठकें चल रही हैं, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि नई सरकार का खाका तैयार हो चुका है।
निर्णायक भूमिका में मांझी की पार्टी
वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में 'हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा' की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी नेतृत्व किसी बड़े फैसले पर मुहर लगाने वाला है, जिसके लिए विधायकों की सहमति और उपस्थिति अनिवार्य है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि "वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में समयानुकूल एवं प्रभावी रणनीति" तैयार करने के लिए यह फैसला लिया गया है।
शपथ ग्रहण की संभावित तारीखें
प्रशासनिक अमले की सक्रियता और 'हम' पार्टी द्वारा अपने विधायकों को 14-15 अप्रैल को पटना में रुकने के निर्देश से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि बिहार में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 14 या 15 अप्रैल को ही आयोजित किया जा सकता है। बिहार लोक भवन में चल रही साज-सज्जा और सुरक्षा समीक्षा भी इसी ओर इशारा कर रही है। अगले कुछ घंटे बिहार की सत्ता के भविष्य के लिए बेहद निर्णायक होने वाले हैं।