Bihar Crime: 25 लाख की बरामदगी या 35 लाख की रिश्वत का खेल? डीजीपी के आदेश पर EOU और SIT की डबल जांच से मोतिहारी पुलिस महकमे में हड़कंप

Bihar Crime: मोतिहारी में एक कार से 24.91 लाख रुपये की बरामदगी और दो नेपाली नागरिकों समेत चार लोगों की गिरफ्तारी का मामला अब गंभीर विवाद में घिर गया है।

Motihari Cash Seizure or 3 5M Bribe Dual Probe Rocks Police
25 लाख की बरामदगी या 35 लाख की रिश्वत का खेल?- फोटो : social Media

Bihar Crime: मोतिहारी में एक कार से 24.91 लाख रुपये की बरामदगी और दो नेपाली नागरिकों समेत चार लोगों की गिरफ्तारी का मामला अब गंभीर विवाद में घिर गया है। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि तीन दिनों तक हिरासत में रखकर मादक पदार्थ के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई और 35 लाख रुपये रिश्वत लेकर आरोपियों को छोड़ा गया। शिकायत सीधे पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तक पहुंचने के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। डीजीपी के निर्देश पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने जांच शुरू कर दी है, जबकि मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात ने भी विशेष जांच दल (SIT) गठित कर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने का आदेश दिया है।

पीड़ित के भाई द्वारा दिए गए आवेदन में एक डीएसपी, दो थानेदार और दो कथित दलालों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आवेदन के अनुसार, 25 मई की रात चकिया टोल प्लाजा के पास कार को रोका गया था, लेकिन प्राथमिकी 28 मई को तुरकौलिया थाने में दर्ज की गई। शिकायत में यह भी सवाल उठाया गया है कि जब कथित गिरफ्तारी चकिया क्षेत्र में हुई तो मामला तुरकौलिया थाना कैसे पहुंचा और तीन दिन तक एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि हिरासत के दौरान गांजा-चरस के मामले में फंसाने की धमकी देकर 35 लाख रुपये की अवैध वसूली की गई। आवेदन में कई दस्तावेज और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का भी उल्लेख किया गया है। वहीं यह भी दावा किया गया है कि जांच शुरू होने के बाद कथित तौर पर दलालों के माध्यम से रुपये वापस कराकर शिकायत वापस लेने संबंधी वीडियो बनवाया गया।

फिलहाल एसआईटी और ईओयू सीसीटीवी फुटेज, टावर लोकेशन, केस डायरी तथा अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच में जुटी हैं। हालांकि, रिश्वत और धमकी के आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और उनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब पूरे मामले पर सभी की नजर जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह साफ हो सकेगा कि बरामदगी की कार्रवाई नियमानुसार हुई थी या इसके पीछे किसी बड़े खेल का पर्दाफाश होना बाकी है।

रिपोर्ट-हिमांशु कुमार