Bihar Crime: सरकारी दफ्तरों की खुली पोल, सीओ-सीडीपीओ से डॉक्टर तक गायब, मजदूर के भरोसे गोदाम,हद है...
Bihar Crime: सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली की उस समय पोल खुल गई, जब सदर एसडीओ ने बीडीओ के साथ कई सरकारी संस्थानों का औचक निरीक्षण किया।...
Bihar Crime:पूर्वी चंपारण जिले के कोटवा प्रखंड में सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली की उस समय पोल खुल गई, जब सदर एसडीओ अरुण कुमार ने बीडीओ के साथ कई सरकारी संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अंचल कार्यालय, बाल विकास परियोजना कार्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और राशन गोदाम में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कई जिम्मेदार अधिकारी और कर्मी ड्यूटी से गायब मिले, जबकि कुछ कार्यालयों में ताला लटका मिला।
औचक जांच के दौरान कोटवा की सीओ बिना किसी छुट्टी और वरीय पदाधिकारी को सूचना दिए कार्यालय से अनुपस्थित मिलीं। हैरत की बात यह रही कि कार्यालय में आमलोग अपनी समस्याओं को लेकर मौजूद थे, लेकिन अधिकारी के गैरहाजिर रहने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। सीओ कार्यालय में कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति भी दर्ज नहीं मिली।
बाल विकास परियोजना कार्यालय की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही रही। सीडीपीओ के कक्ष में ताला लटका मिला, जबकि कार्यालय के बड़ा बाबू भी नदारद थे। जांच के दौरान कई आवश्यक पंजी भी कार्यालय में उपलब्ध नहीं पाए गए। इससे कार्यालय के कामकाज और अभिलेखों के रखरखाव पर भी सवाल खड़े हुए हैं।
कोटवा पीएचसी के निरीक्षण में भी व्यवस्था की हकीकत सामने आई। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अनुपस्थित मिले। अस्पताल में मरीज एएनएम के भरोसे नजर आए। निरीक्षण के दौरान मरीजों ने बिजली व्यवस्था को लेकर भी शिकायत की। उनका कहना था कि बिजली कटने के बाद अस्पताल में पर्याप्त पावर बैकअप नहीं होने के कारण प्रसव कक्ष में टॉर्च के सहारे इलाज करना पड़ता है।जांच के दौरान अस्पताल के बेड पर गार्ड के आराम फरमाने की बात भी सामने आई। इससे अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
राशन गोदाम का निरीक्षण भी चौंकाने वाला रहा। गोदाम के एजीएम मौके से गायब मिले और पूरा गोदाम मजदूरों के भरोसे चलता मिला। भंडारण की व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई। साफ-सफाई में भी कमी मिली। निरीक्षण के दौरान कई अन्य अनियमितताएं भी सामने आने की बात कही गई है।
निरीक्षण के बाद एसडीओ अरुण कुमार ने ड्यूटी से अनुपस्थित मिले सीओ, सीडीपीओ, अस्पताल प्रभारी, ड्यूटी से गायब डॉक्टर, एजीएम, सीडीपीओ कार्यालय के बड़ा बाबू समेत करीब डेढ़ दर्जन पदाधिकारी और कर्मियों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। साथ ही सभी से कार्रवाई के लिए 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।एसडीओ ने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित अधिकारियों और कर्मियों का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। औचक निरीक्षण के बाद कोटवा प्रखंड के सरकारी महकमों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, आमलोगों को उम्मीद है कि इस कार्रवाई के बाद सरकारी कार्यालयों में लापरवाही पर लगाम लगेगी और उन्हें अपने काम के लिए अधिकारियों के कार्यालयों का बेवजह चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
रिपोर्ट- हिमांशु कुमार