बिहार में खाकी दागदार, सूदखोर से साठगांठ कर युवक को हाजत में ठूंसने वाला थानेदार निलंबित, डीआईजी के हंटर से महकमे में हड़कंप
Bihar Police: एक संगीन मामले में चंपारण रेंज के डीआईजी हरिकिशोर राय ने कानूनी हंटर चलाते हुए दागी थानाध्यक्ष राजीव कुमार साह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।...
Motihari: चंपारण की सरजमीं पर कानून के रखवाले ही जब जुर्म के मददगार बन जाएं, तो इंसाफ की उम्मीद किससे की जाए? रामगढ़वा थाने में वर्दी को शर्मसार करने वाली एक ऐसी ही करतूत सामने आई है, जहां एक जालिम सूदखोर से साठगांठ कर बेगुनाह को गैर-कानूनी तरीके से हाजत की सलाखों के पीछे तड़पाया गया। इस संगीन मामले में चंपारण रेंज के डीआईजी हरिकिशोर राय ने कानूनी हंटर चलाते हुए दागी थानाध्यक्ष राजीव कुमार साह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
थानेदार ही निकला गुनहगार
वारदात की शुरुआत बीती 15 जून को हुई, जब रखवरिया निवासी बाल कन्हाई महतो का कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया। डायल-112 की मुस्तैदी से पुलिस ने अपहृत और अपहरणकर्ता दोनों को बरामद कर थाने लाया। लेकिन असली शर्मनाक खेल थाने के भीतर शुरू हुआ। थानेदार ने रसूखदार सूदखोर के आगे घुटने टेक दिए। रिश्वत और रसूख की ऐसी जुगलबंदी बैठी कि जुर्म को अंजाम देने वाले मुल्जिम को महज एक घंटे के भीतर बाइज्जत विदा कर दिया गया, जबकि पीड़ित बालकन्हाई महतो को बिना किसी एफआईआर या वैधानिक प्रक्रिया के, 24 घंटे से ज्यादा समय तक अवैध हिरासत में रखकर प्रताड़ित किया गया।
डीआईजी की तफ्तीश में खुली पोल
पीड़ित की बेबस पत्नी सुनीता देवी ने जब इस नाइंसाफी के खिलाफ आवाज बुलंद की, तो डीआईजी ने मामले को संज्ञान में लिया। जांच के दौरान थानेदार का गुनाह पूरी तरह बेनकाब हो गया। डीआईजी द्वारा तलब किए गए स्पष्टीकरण पर थानेदार कोई माकूल और संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। सूदखोरी के इस घिनौने धंधे की भनक होने के बावजूद दरोगा ने न तो कोई कानूनी शिकंजा कसा और न ही मुल्जिमों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
इसे महकमे के अनुशासन के खिलाफ, घोर लापरवाही और मनमानी का 'संगीन जुर्म' मानते हुए डीआईजी ने आरोपी थानेदार को निलंबित कर उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं। इस सख्त कार्रवाई से जहां वर्दी के गुंडों में खौफ का माहौल है, वहीं आम जनता में पुलिसिया इकबाल और इंसाफ के प्रति भरोसा फिर से बहाल हुआ है।
रिपोर्ट- हिमांशु कुमार