मुजफ्फरपुर में प्रेमी जोड़े को तालिबानी सजा, सैकड़ों लोगों के सामने बेरहमी से पिटाई का वीडियो वायरल, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

Bihar Crime: एक युवक और युवती को भीड़ के बीच घेरकर बेरहमी से पीटते हुए देखा जा सकता है, जबकि आसपास मौजूद सैकड़ों लोग तमाशबीन बने दिखाई देते हैं। ...

Muzaffarpur Couple Beaten by Mob Viral Video Sparks Outrage
प्रेमी जोड़े को तालिबानी सजा- फोटो : reporter

Muzaffarpur से एक कथित प्रेमी जोड़े की सरेआम पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक युवक और युवती को भीड़ के बीच घेरकर बेरहमी से पीटते हुए देखा जा सकता है, जबकि आसपास मौजूद सैकड़ों लोग तमाशबीन बने दिखाई देते हैं। इस घटना ने कानून-व्यवस्था और भीड़ द्वारा कथित तौर पर खुद सजा देने की प्रवृत्ति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सूत्रों के अनुसार, यह वीडियो करीब 15 दिन पुराना बताया जा रहा है और मामला मुजफ्फरपुर जिले के औराई थाना क्षेत्र के बासुआ गांव का है। दावा किया जा रहा है कि ग्रामीणों ने एक प्रेमी जोड़े को पकड़ लिया और पुलिस को तत्काल सूचना देने के बजाय भीड़ के सामने उनकी पिटाई की गई। आरोप यह भी है कि बाद में स्थानीय दबंगों के दबाव में पूरे मामले को दबाने की कोशिश की गई।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि युवक-युवती को पकड़ा गया था, तो उन्हें कानून के हवाले करने के बजाय भीड़ को कथित तौर पर हिंसा करने की छूट कैसे मिल गई। साथ ही यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि घटना के समय मौजूद लोगों में से किसी ने भी इस कथित मारपीट को रोकने का प्रयास क्यों नहीं किया।

मामले पर औराई थाना प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि यह पुरानी घटना है। पुलिस को जानकारी मिलने के बाद एक प्रतिनिधि को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था, लेकिन पीड़ित पक्ष की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं दिया गया। उनके अनुसार, आवेदन मिलने पर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि, यह मामला एक बड़ा सवाल छोड़ता है कि क्या किसी भी व्यक्ति या भीड़ को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार है। यदि वायरल वीडियो में दिखाई गई घटना सही है, तो यह केवल दो लोगों के साथ कथित मारपीट का मामला नहीं, बल्कि कानून के शासन और भीड़ की हिंसा से जुड़ा गंभीर विषय भी है। फिलहाल वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की सत्यता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा