Bihar Crime: मास्टर साहेब छात्राओं के साथ करते थे गंदा काम , घिनौने खेल से पर्दा उठने पर डीएम ने नाप दिया, गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी
Bihar Crime:सरकारी स्कूल की छात्राओं के साथ कथित तौर पर गलत व्यवहार और बैड टच के आरोप ने शिक्षा व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
Bihar Crime:सरकारी स्कूल की छात्राओं के साथ कथित तौर पर गलत व्यवहार और बैड टच के आरोप ने शिक्षा व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। मुजफ्फरपुर के पारू थाना क्षेत्र स्थित मध्य विद्यालय लालू छपरा में छठी और सातवीं कक्षा की छात्राओं की शिकायत पर जिलाधिकारी कुमार गौरव ने सख्त रुख अपनाया है। मामले का संज्ञान लेते हुए डीएम ने आरोपी शिक्षक रतनलाल सहनी को तत्काल निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय महिला टीम गठित की गई है।
छात्राओं ने लगाया लंबे समय से गलत हरकत का आरोप
छात्राओं के मुताबिक, शिक्षक रतनलाल सहनी पर होली के समय से ही कई छात्राओं के साथ कथित तौर पर गलत व्यवहार और ‘बैड टच’ करने के आरोप लगते रहे हैं। छात्राओं का कहना है कि डर और झिझक के कारण वे पहले खुलकर शिकायत नहीं कर पा रही थीं। हाल के दिनों में कथित हरकत दोहराए जाने के बाद छात्राओं ने परिजनों और स्कूल की महिला प्रधानाध्यापक से शिकायत की।परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद अभिभावक स्कूल पहुंचे और वहां हंगामा किया। मामले की सूचना पुलिस को मिलने के बाद पुलिस टीम भी स्कूल पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।
पुलिस का शिकंजा भी कसा
मामले में मुजफ्फरपुर एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। यानी आरोपी शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी शिकंजा भी कस गया है।
महिला टीम खंगालेगी शिकायत से लेकर कार्रवाई तक का सच
इधर, डीएम कुमार गौरव ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय महिला टीम गठित की है। टीम में अनुमंडल पदाधिकारी पश्चिमी, एसडीपीओ सरैया और डीपीओ को शामिल किया गया है। टीम छात्राओं की शिकायत, स्कूल में हुए घटनाक्रम और शिक्षक पर लगे आरोपों की जांच कर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी।
जांच का एक अहम पहलू यह भी होगा कि छात्राओं की शिकायत के बाद स्कूल की महिला प्रधानाध्यापक ने क्या कार्रवाई की और यदि कार्रवाई नहीं हुई तो क्यों नहीं हुई। इस बिंदु पर भी जांच टीम जानकारी जुटाएगी।फिलहाल पुलिस आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है, जबकि प्रशासनिक जांच में यह सामने लाने की कोशिश होगी कि छात्राओं की शिकायत पर स्कूल स्तर पर क्या कदम उठाए गए और पूरे मामले में किस स्तर पर लापरवाही हुई।
रिपोर्ट-मणिभूषण शर्मा