Bihar Crime: अमानवीयता की इंतहा, ममता का आंचल हुआ कलंकित, कलेजे के टुकड़े की मां ने ही ऐसे छीनी सांसें

Bihar Crime: जिस आंचल को बच्चे की हिफाजत और महफूज पनाहगाह होना चाहिए था, उसी ममता की छांव ने मासूम की जिंदगी का अंत कर दिया।...

Nalanda Mother Murders Child
अमानवीयता की इंतहा- फोटो : reporter

Bihar Crime: नालंदा के चिकसौरा थाना क्षेत्र स्थित फतेहपुर गांव से एक ऐसा दर्दनाक वाकया सामने आया है, जिसे सुनकर पत्थर दिल भी दहल उठे। जिस आंचल को बच्चे की हिफाजत और महफूज पनाहगाह होना चाहिए था, उसी ममता की छांव ने मासूम की जिंदगी का अंत कर दिया। डेढ़ साल के बेकसूर बच्चे का क्या कसूर था? यही कि उसने दुनिया में आंखें खोली थीं और अपनी मां के सिवा किसी को नहीं जानता था। लेकिन विधाता के इस खूबसूरत तोहफे को उसी की जननी ने काल के गाल में धकेल दिया।

रात के सन्नाटे में जब पूरी दुनिया नींद की आगोश में डूबी थी, वीरानी खंधा के पास एक मां ने अपने ही जिगर के टुकड़े को पानी से भरे पईन में फेंक दिया। वह मासूम अपनी जिंदगी की भीख के लिए तड़पता रहा होगा, पानी में हाथ-पांव मारे होंगे, लेकिन उस बेरहम मां का कलेजा नहीं पसीजा। खून का रिश्ता तब शर्मसार हो गया जब सुबह खोजबीन के बाद उस मासूम का शव पानी की सतह पर उतराया मिला।

परिजन चाहे मानसिक बीमारी की दलील देकर इस खौफनाक गुनाह पर पर्दा डालने की कोशिश करें, लेकिन यह जुर्म इंसानियत के माथे पर एक बदनुमा दाग है। रिश्तों की यह कैसी विडंबना है? जहाँ अपने ही हाथों ने जिंदगियों को लील लिया। 

पुलिस ने आरोपी मां ललिता कुमारी को गिरफ्त में तो ले लिया है और कानून अपना काम कर रहा है, मगर सवाल यह उठता है कि आखिर इस बेरहमी का जिम्मेदार कौन है? क्या मानसिक विक्षेप इतना क्रूर हो सकता है कि ममता अपने ही हाथों से अपने वंश का चिराग बुझा दे? इस खौफनाक हादसे ने समाज की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है और हर आंख नम है।

रिपोर्ट- राज पाण्डेय