Bihar News: कन्या विवाह योजना के नाम पर लाखों की ठगी! फर्जी अफसर गिरफ्तार...

Bihar News: सरकारी नौकरी और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर चल रहे कथित ठगी के खेल का पुलिस ने बड़ा पर्दाफाश किया है।

Nawada Fake Job Racket
सरकारी नौकरी का झांसा- फोटो : reporter

Bihar News:नवादा में सरकारी नौकरी और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर चल रहे कथित ठगी के खेल का पुलिस ने बड़ा पर्दाफाश किया है। गांधीनगर इलाके में की गई छापेमारी के दौरान नगर थाना पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो खुद को सरकारी मुलाजिम बताकर बेरोजगार युवाओं और जरूरतमंद परिवारों को अपने जाल में फंसाता था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी नौकरी दिलाने से लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तक का भरोसा देकर लोगों से मोटी रकम ऐंठता था। गिरफ्तार शख्स की पहचान 45 वर्षीय शैलेश कुमार उर्फ सचिन कुमार उर्फ संतोष कुमार के रूप में हुई है। बरामद दस्तावेजों ने पुलिस के सामने ठगी के एक बड़े नेटवर्क की आशंका खड़ी कर दी है।

19 ATM कार्ड, नौ फर्जी पहचान पत्र और 17 रजिस्टर बरामद

नगर थाना पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मानवीय सूचना के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई। छापेमारी के दौरान उसके पास से दो मोबाइल फोन, तीन सिम कार्ड, अलग-अलग बैंकों के 19 ATM कार्ड, नौ फर्जी पहचान पत्र, चार स्कैनर, एक बैंक पासबुक और चार चेकबुक बरामद किए गए। इसके अलावा 17 रजिस्टर तथा नौकरी दिलाने से संबंधित कई दस्तावेज भी पुलिस के हाथ लगे हैं। बरामदगी का यह सामान महज व्यक्तिगत ठगी नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से लोगों को निशाना बनाने की आशंका की ओर इशारा करता है।

आंगनबाड़ी की नौकरी से कन्या विवाह योजना तक ठगी का जाल

प्रारंभिक पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी नारदीगंज, अकबरपुर और रजौली समेत नवादा के विभिन्न इलाकों में लोगों को निशाना बनाता था। नारदीगंज की एक महिला से आंगनबाड़ी में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब एक लाख रुपये लेने का आरोप है। वहीं, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का लाभ दिलाने के बहाने भी लाखों रुपये की ठगी किए जाने की बात सामने आई है। आरोपी कथित तौर पर खुद को नवादा अनुमंडल कार्यालय का कर्मचारी बताकर लोगों का विश्वास जीतता और फिर उनकी गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ करता था।

200 लोगों के नाम मिले, 15 साल से ठगी की आशंका

पुलिस के लिए सबसे अहम सुराग बरामद 17 रजिस्टर हैं, जिनमें करीब 200 लोगों के नाम दर्ज बताए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त सेना और वायुसेना से संबंधित फर्जी पहचान पत्र भी मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि आरोपी पिछले 10 से 15 वर्षों से इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त हो सकता है। हालांकि, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस

नगर थानाध्यक्ष उमाशंकर सिंह के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में एसआई सानू कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। सदर एसडीपीओ-01 हुलास कुमार ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है। मोबाइल फोन, बैंक खातों और दस्तावेजों की पड़ताल के जरिए पीड़ितों की वास्तविक संख्या, ठगी की कुल रकम और संभावित सहयोगियों का पता लगाया जा रहा है। अब पुलिस की तफ्तीश का केंद्र इस कथित फर्जीवाड़े की पूरी कड़ी उजागर करना है।

रिपोर्ट- अमन कुमार