Bihar Teacher Arrested: प्रश्नपत्र लीक कांड में शिक्षिका गिरफ्तार, बीआरसी से दबोची गई, अब खुलेगा वायरल पेपर का राज

Bihar Teacher Arrested: नवादा में गृह रक्षा वाहिनी की परीक्षा का प्रश्नपत्र वायरल होने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए एक शिक्षिका को गिरफ्तार किया है। ...

Nawada Teacher Arrested Exam Paper Leak
प्रश्नपत्र लीक कांड में शिक्षिका गिरफ्तार- फोटो : reporter

Bihar Teacher Arrested:  नवादा में गृह रक्षा वाहिनी की परीक्षा का प्रश्नपत्र वायरल होने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए एक शिक्षिका को गिरफ्तार किया है। पुलिस के शिकंजे में आई शिक्षिका की पहचान नालंदा जिले के वेना थाना क्षेत्र के देव बिगहा गांव निवासी चंद्रशेखर कुमार की पत्नी अंजू रानी के रूप में हुई है। अंजू रानी नारदीगंज के मध्य विद्यालय दोहड़ा में शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। पुलिस ने उन्हें गुप्त सूचना के आधार पर गोविंदपुर स्थित बीआरसी से गिरफ्तार किया।

यह पूरा मामला गृह रक्षा वाहिनी में अधिनायक लिपिक पद पर बहाली के लिए आयोजित परीक्षा से जुड़ा है। 12 जून को नवादा में आयोजित परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र वायरल होने की खबर सामने आई थी। मामला सामने आते ही परीक्षा व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े हो गए। पुलिस की प्रारंभिक जांच में प्रश्नपत्र के परीक्षा केंद्र से ही वायरल होने की बात सामने आई।

प्रश्नपत्र वायरल होने के बाद प्रशासनिक महकमे में भी हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए स्टेटिक दंडाधिकारी सह प्रेक्षक के आवेदन पर नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने बिहार परीक्षा अधिनियम और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच की सुई आगे बढ़ी तो पुलिस को अंजू रानी के संबंध में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर गोविंदपुर बीआरसी में दबिश दी और शिक्षिका को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर प्रश्नपत्र वायरल होने की पूरी कड़ी क्या थी और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।

पुलिस के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि परीक्षा केंद्र से प्रश्नपत्र बाहर कैसे निकला और किस माध्यम से वह वायरल हुआ। क्या प्रश्नपत्र किसी एक व्यक्ति तक पहुंचा या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था? इन तमाम सवालों के जवाब तलाशने के लिए गिरफ्तार शिक्षिका से पूछताछ की जा रही है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि वायरल प्रश्नपत्र असली था या किसी स्तर पर उसे प्रसारित किया गया। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और साक्ष्य सामने आने के बाद उनके खिलाफ भी विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल एक शिक्षिका की गिरफ्तारी के बाद प्रश्नपत्र वायरल कांड की परतें खुलने की उम्मीद बढ़ गई है। परीक्षा केंद्र की सुरक्षा से लेकर प्रश्नपत्र की आवाजाही तक हर पहलू की जांच की जा रही है। पुलिस की पूछताछ से यह साफ होने की उम्मीद है कि आखिर सरकारी नौकरी की परीक्षा का गोपनीय प्रश्नपत्र किन हाथों से निकलकर वायरल हुआ और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।

रिपोर्ट- अमन कुमार