Bihar EOU Raid: सुबह सुबह पटना से जमुई तक इंजीनियर के 4 ठिकानों पर EOU की रेड, 2 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति का खुलासा, विभाग में हड़कंप

Bihar EOU Raid: आर्थिक अपराध इकाई ने जमुई जिले के झाझा स्थित ग्रामीण कार्य प्रमंडल में तैनात कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार के एक साथ चार ठिकानों पर छापेमारी की है।

Patna EOU Raids JE Over Disproportionate Assets in Bihar Cas
अभियंता के 4 ठिकानों पर EOU की छापेमारी- फोटो : social Media

Bihar EOU Raid: आर्थिक अपराध इकाई  ने जमुई जिले के झाझा स्थित ग्रामीण कार्य प्रमंडल में तैनात कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार के एक साथ चार ठिकानों पर छापेमारी की है। जिन स्थानों पर कार्रवाई की गई उनमें पटना के मजिस्ट्रेट कॉलोनी स्थित जगत विला अपार्टमेंट का फ्लैट, कंकड़बाग स्थित आवास, जमुई के KKM कॉलेज के पास किराए का मकान और झाझा स्थित कार्यालय शामिल हैं।बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत आर्थिक अपराध इकाई  ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जमुई जिले के झाझा स्थित ग्रामीण कार्य प्रमंडल में तैनात कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जन के मामले में छापेमारी की गई है।

 झाझा स्थित ग्रामीण कार्य प्रमंडल में तैनात कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार के खिलाफ EOU थाना में  भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच में यह पाया गया है कि अभियंता के पास करीब 2 करोड़ 61 हजार रुपये की संपत्ति है, जो उनकी ज्ञात आय से लगभग 81.5 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है।

इसके बाद विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी वारंट प्राप्त कर आज यानी 16 मई 2026 की सुबह चार अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी शुरू की गई। 

इस पूरी कार्रवाई को पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों द्वारा अंजाम दिया जा रहा है। छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, संपत्ति से जुड़े कागजात और वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, यह मामला प्रारंभिक जांच में ही गंभीर पाया गया, जिसके बाद तत्काल कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई। फिलहाल तलाशी अभियान जारी है और विस्तृत जानकारी कार्रवाई पूरी होने के बाद सार्वजनिक की जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद ग्रामीण कार्य विभाग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही सख्त नीति के तहत एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।