Patna Crime:पटना में भीड़ बनी कातिल, विवाद में चली गोलियां, भाग रहे आरोपी को ग्रामीणों ने पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट
Patna Crime: पटना में विवाद के बाद गोलीबारी और फिर भीड़ का खौफनाक चेहरा सामने आया।...
Patna Crime: राजधानी पटना में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां पहले ज़मीन के विवाद में ताबड़तोड़ गोलियां चलीं और फिर गुस्साई भीड़ ने इंसाफ अपने हाथ में लेते हुए एक आरोपी को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। फुलवारीशरीफ के लक्ष्मीचक और परसा बाजार के धमौल गांव के बीच घटी इस दोहरे घटनाक्रम ने पूरे इलाके में दहशत और सनसनी फैला दी है। पुलिस अब पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए हर एंगल से तफ्तीश में जुट गई है।
जानकारी के मुताबिक, फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मीचक में मंगलवार की रात ज़मीन विवाद को लेकर तीन बदमाशों ने सुरेश सिंह उर्फ मास्टर साहब को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हालांकि, किस्मत ने साथ दिया और वह बाल-बाल बच गए। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों हमलावर मौके से फरार होने लगे, लेकिन ग्रामीणों ने उनका पीछा कर परसा बाजार थाना क्षेत्र के धमौल गांव के पास दो आरोपियों को दबोच लिया। इसके बाद भीड़ का गुस्सा इस कदर फूटा कि दोनों की बेरहमी से पिटाई कर दी गई, जबकि तीसरा आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
इत्तला मिलते ही परसा बाजार और गौरीचक थाना पुलिस मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल विवेक कुमार (22) को निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जबकि सुरेश कुमार (28) को पीएमसीएच भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर भीड़ के हिंसक चेहरे और कानून को हाथ में लेने की प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पटना सदर एसडीपीओ रंजन कुमार ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल से दो जिंदा कारतूस, एक खोखा और एक बाइक बरामद की है। जांच में सामने आया है कि बरामद बाइक फुलवारीशरीफ थाने से चोरी गई थी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। शुरुआती तफ्तीश में ज़मीन विवाद को इस खूनी संघर्ष की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है, हालांकि पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। इस वारदात ने साफ कर दिया है कि अपराध और भीड़ की हिंसा, दोनों ही कानून के लिए बड़ी चुनौती बन चुके हैं।