जमुई मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई : 3 नाबालिग आरोपी को हिरासत में लिया, जांच के लिए एसआईटी गठित

जमुई में एक लड़की के साथ दुर्व्यवहार और छेड़खानी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया है। वहीं पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है.....

जमुई मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई : 3 नाबालिग आरोपी को ह
जमुई मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई- फोटो : रंजीत कुमार

Patna : जमुई में एक लड़की के साथ दुर्व्यवहार और छेड़खानी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बिहार पुलिस के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) के.एस. अनुपम ने पुलिस कार्रवाई की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब तक तीन नाबालिग आरोपियों को हिरासत मे लिया गया है, जिनमें से दो की उम्र 17 से 18 वर्ष के बीच है। घटना की निष्पक्ष और त्वरित जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जिसकी निगरानी जमुई एसडीपीओ (SDPO) के नेतृत्व में की जा रही है।


POCSO एक्ट और बीएनएसएस की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज 

एडीजी के.एस. अनुपम के अनुसार, जमुई थाने में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 128, 74, 75 तथा पोक्सो (POCSO) एक्ट की धारा 8 और 12 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस जांच के दौरान अब तक 7 से 8 युवकों के नाम मुख्य रूप से सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। इसके साथ ही, मामले में शामिल पाए जाने वाले सभी आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास (Criminal History) को भी खंगाला जा रहा है ताकि उनके खिलाफ कठोर कानूनी आधार तैयार किया जा सके।


वीडियो वायरल करने वाले 32 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर टेकडाउन कार्रवाई 

घटना के वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैलने से रोकने के लिए पुलिस की साइबर टीम ने कड़ा रुख अपनाया है। एडीजी ने बताया कि अब तक कुल 32 सोशल मीडिया अकाउंट्स को चिन्हित कर उनके खिलाफ 'टेकडाउन' की कार्रवाई की गई है। इनमें 13 फेसबुक (Facebook), 12 इंस्टाग्राम (Instagram) और 7 एक्स (X/ट्विटर) अकाउंट्स शामिल हैं। पुलिस प्रशासन इंटरनेट पर लगातार निगरानी बनाए हुए है ताकि पीड़िता की पहचान से जुड़े किसी भी तथ्य या वीडियो को आगे प्रसारित न किया जा सके।


'नाबालिग की पहचान उजागर करना गंभीर अपराध', दी कानूनी चेतावनी 

एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी आपराधिक मामले में पीड़िता या नाबालिगों का चेहरा और पहचान उजागर कर वीडियो प्रसारित करना कानूनन संगीन अपराध है। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति अथवा अकाउंट इस तरह के वीडियो को शेयर या री-पोस्ट करेगा, उसके खिलाफ पोक्सो एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस (JJ) एक्ट की धारा 74 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम जनता से भी इस वीडियो को शेयर न करने और जिम्मेदार नागरिक बनने की अपील की है।


पहाड़ी इलाके में घटी घटना, पुलिस गश्त व्यवस्था की होगी जांच 

घटनाक्रम की जानकारी देते हुए एडीजी ने बताया कि यह वारदात जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग से करीब तीन किलोमीटर दूर एक पहाड़ी इलाके में शाम लगभग 6:25 से 6:30 बजे के बीच हुई थी। उन्होंने कहा कि घटना वाले स्थान और उसके आसपास पुलिस पेट्रोलिंग (गश्त व्यवस्था) की भी समीक्षा की जाएगी ताकि लापरवाही बरतने वालों पर जवाबदेही तय की जा सके। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच में जो भी व्यक्ति इस जघन्य अपराध में संलिप्त पाया जाएगा, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।


रंजीत की रिपोर्ट