Patna police encounter: लाश को कंकाल बनाने वाले दरिंदे का हुआ एनकाउंटर,SHO पर दागी गोली, जवाबी एनकाउंटर में कसाई की तरह बंटी को तड़पाने वाले जल्लाद के पैर में पुलिस ने मारी गोली, पढ़िए पूरी कहानी
एक सन्नाटा चीरती हुई गोली सीधे कोतवाली थाना प्रभारी की सरकारी गाड़ी के बोनट को चीरती हुई निकल गई। गाड़ी में मौजूद जांबाज पुलिस अफसर और जवान महज कुछ इंच के फासले से मौत के मुंह में जाने से बाल-बाल बच गए।...
Patna police encounter:तड़के 3 बजे...पुलिस का जाल और बदमाशों की फायरिंग से राजधानी पटना का अपराध जगत आज तड़के एक बार फिर दहल उठा। बंटी यादव की रूह कंपा देने वाली किडनैपिंग और मर्डर केस का वांछित मुख्य आरोपी, कुख्यात शातिर अपराधी रवीश कुमार उर्फ बिसिया पुलिस की गिरफ्त में आ ही गया। गुरुवार की सुबह करीब 3 बजे, जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र के एलएनटी घाट से पूरब, बांस घाट जाने वाले सुनसान कच्चे रास्ते पर खाकी और अपराध की दुनिया के बीच रक्तचरित्र लिखा जा रहा था।

पुलिस को गुप्त सूचना से इत्तला मिली थी कि बंटी यादव की बेरहमी से हत्या करने के बाद हुलिया बदलकर भागा हुआ बिसिया हाजीपुर के रास्ते पटना में दाखिल होने की फिराक में है। कोतवाली और बुद्धा कॉलोनी थाने की संयुक्त टीम ने फौरन नाकाबंदी कर जाल बिछाया। पुलिस की गाड़ियां अभी बांस घाट के कच्चे रास्ते पर पहुंची ही थीं कि खुद को घिरता देख बेखौफ अपराधी ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

कोतवाली SHO की गाड़ी पर गोली दागी,रवीश कुमार उर्फ बसिया ने पुलिस टीम को देखते ही जान लेने की नीयत से सीधे फायर झोंक दिया। एक सन्नाटा चीरती हुई गोली सीधे कोतवाली थाना प्रभारी की सरकारी गाड़ी के बोनट को चीरती हुई निकल गई। गाड़ी में मौजूद जांबाज पुलिस अफसर और जवान महज कुछ इंच के फासले से मौत के मुंह में जाने से बाल-बाल बच गए।जब अपराधी की तरफ से दो राउंड फायरिंग हो चुकी थी, तब कानून के रखवालों ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। पुलिस की जवाबी जवाबी गोली सीधे रवीश उर्फ बसिया के दाहिने पैर के घुटने के नीचे जा धंसी। गोली लगते ही वह चीख मारकर कट्टे समेत जमीन पर गिर पड़ा।
पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे फौरन दबोच लिया और खून से लथपथ हालत में इलाज के लिए पीएमसीएच के कैजुअल्टी वार्ड में दाखिल कराया। बरामदगी और फॉरेंसिक तफ्तीश घटनास्थल की सूरतेहाल बयां कर रही थी कि मुकाबला कितना कड़ा था। लॉ एंड ऑर्डर एएसपी कृष्ण मुरारी प्रसाद, डीआईयू (DIU) और एसआईयू (SIU) की टीमें भारी लाव-लश्कर के साथ मौके पर पहुंच गईं। तफ्तीश के दौरान पुलिस को जमीन पर खून के धब्बे, आरोपी की चप्पलें और वारदात में इस्तेमाल किया गया एक लोडेड देसी कट्टा मिला।

पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम को भी मौके पर तलब किया है ताकि अदालत में आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।

बंटी यादव हत्याकांड की वो रूह कंपा देने वाली दास्तानइस कुख्यात अपराधी रवीश की पटना पुलिस को बीते कई दिनों से सरगर्मी से तलाश थी। मामला 6 जुलाई का है, जब पटना जंक्शन के पास टाटा पार्क के समीप से बंटी यादव नाम के युवक का अपहरण कर लिया गया था। परिजनों की चीख-पुकार के बीच, अपहरण के ठीक 5 दिन बाद (11 जुलाई) पटना से 60 किलोमीटर दूर अथमलगोला में बंटी की लाश बरामद हुई।मृतक बंटी यादव की लाश की जो हालत थी, उसे देखकर पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों के भी रोंगटे खड़े हो गए थे। कातिलों ने बंटी को तड़पा-तड़पाकर मारा था। चेहरे को ईंट-पत्थरों से इस कदर कूचा गया था कि आंख, नाक और जबड़े का नामोनिशान मिट चुका था।बंटी के दाहिने हाथ पर एक खास टैटू था। दरिंदों ने उस टैटू को भी किसी नुकीली चीज से गोदकर चमड़ी उधेड़ दी थी, ताकि पुलिस शिनाख्त न कर सके। दाहिने हाथ में सिर्फ हड्डियां बची थीं और लाश गलने लगी थी। आखिरकार, हाथ में बचे एक लोहे के कड़े को देखकर रोते-बिलखते परिजनों ने उसकी पहचान की थी।

डॉ. अजय कुमार सिंह की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने तस्दीक की थी कि बंटी को गोली नहीं मारी गई थी, बल्कि उसे पत्थरों से मारे-मारे कर तड़पाया गया था। आज उसी खौफनाक वारदात के मुख्य सूत्रधार रवीश उर्फ बसिया का गुनाहों का हिसाब पटना पुलिस ने उसके पैर में गोली मारकर शुरू कर दिया है। शहर में चर्चा है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और गुनाह की उम्र छोटी।
रिपोर्ट- रंजीत कुमार