पुलिस ने मोबाइल छिनतई गिरोह का किया भंडाफोड़, दर्जनों मोबाइल और टैब के सात 5 गिरफ्तार
Bihar Crime : पूर्णिया शहर में मोबाइल छिनतई गिरोह से परेशान लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। पुलिस ने छिनतई गिरोह का खुलासा करते हुए इसके सरगना समेत कई सदस्यों को धर दबोचा है.....
Purniya : शहर में पिछले कुछ समय से मोबाइल छिनतई की बढ़ती घटनाओं ने आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी थी। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सदर-1 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। पुलिस की इस सक्रियता का परिणाम 5 मई 2026 को एक बड़ी सफलता के रूप में सामने आया, जब पुलिस ने छिनतई गिरोह के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया।
गिरोह के सरगना को रंगे हाथ किया गिरफ्तार
अभियान की शुरुआत केहाट थाना कांड संख्या 395/25 की जांच से हुई। विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के मुख्य आरोपी अरशद आलम को रंगे हाथों एक छीने गए मोबाइल के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस की सख्ती और पूछताछ के बाद आरोपी ने अपने अन्य साथियों और मोबाइल छिपाने के ठिकानों का खुलासा किया, जिसके बाद पुलिस ने शहर के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी शुरू की।
सरगना के निशानदेही पर गिरोह के अन्य सदस्य गिरफ्तार
मुख्य आरोपी की निशानदेही पर की गई इस छापेमारी में पुलिस को भारी सफलता मिली। टीम ने कुल 25 चालू मोबाइल फोन, 2 टैबलेट और तकनीकी रूप से अलग किए गए 85 खुले मोबाइल बरामद किए हैं। माना जा रहा है कि इन खुले मोबाइलों के पुर्जों को बाजार में अवैध रूप से खपाने की तैयारी थी। इस बरामदगी के साथ ही पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों को भी दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरशद आलम (21 वर्ष), हातिम (20 वर्ष), शौएब (19 वर्ष), संजय कुमार (21 वर्ष) और नवनीत किशोर उर्फ गोलू कुमार (32 वर्ष) के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी पूर्णिया जिले के ही अलग-अलग इलाकों के निवासी हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में मोबाइल छीनने वाले अपराधियों के साथ-साथ चोरी के सामान की खरीद-बिक्री करने वाले सिंडिकेट के सदस्य भी शामिल हैं।
सदर-1 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ज्योति शंकर के नेतृत्व में किए गए इस सफल ऑपरेशन की शहर में काफी चर्चा है। पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस बड़ी कार्रवाई से मोबाइल छिनतई करने वाले अपराधियों में खौफ पैदा हुआ है और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।
अंकित कुमार की रिपोर्ट