बिहार का मास्टर ठग, ATS अफसर बन कर करता था ठगी का खेल, डॉक्टर और कारोबारी को बनाया अपना शिकार

Bihar Crime: बिहार के पूर्णिया में एक ऐसा माहिर ठग सामने आया है, जिसने अपनी चालाकी और झूठ के जाल से बड़े-बड़े रसूखदार लोगों को भी मात दे दी। ...

बिहार का मास्टर ठग, ATS अफसर बन कर करता था ठगी का खेल,  डॉक्
किराए के मकान में छुपा था करोड़ों का माल- फोटो : social Media

Bihar Crime:  बिहार के पूर्णिया में एक ऐसा माहिर ठग सामने आया है, जिसने अपनी चालाकी और झूठ के जाल से बड़े-बड़े रसूखदार लोगों को भी मात दे दी। आरोपी रोहित बाजपेयी ने कभी खुद को विजिलेंस अफसर बताया, तो कभी ATS का आला अधिकारी बनकर शहर में अपना रौब झाड़ा। उसकी बातों में ऐसा “जादू” था कि डॉक्टर, व्यापारी और पढ़े-लिखे लोग भी उसके झांसे में आ गए और देखते ही देखते करोड़ों की रकम उसके हवाले कर बैठे।

मामला सहायक खजांची थाना क्षेत्र के टीचर कॉलोनी का है, जहां ये शातिर अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रह रहा था। इलाके में उसने खुद को एयर कंट्रोल से जुड़ा ATS अफसर बताकर ऐसी कहानी बुनी कि हर कोई उसे असली अधिकारी समझने लगा। धीरे-धीरे उसने शहर के प्रतिष्ठित लोगों से जान-पहचान बढ़ाई और फिर शुरू हुआ ठगी का खतरनाक खेल।

शहर के जाने-माने डॉक्टर विनोद धारेवा को भी इस गिरोह ने नहीं बख्शा। आरोपी ने अपनी बीमार पत्नी का बहाना बनाकर डॉक्टर से हमदर्दी हासिल की और फिर फ्लाइट-पायलट की कहानी गढ़कर भरोसा जीत लिया। उसने डॉक्टर को यकीन दिलाया कि वह उनकी बेटी तक ज्वेलरी सुरक्षित पहुंचा देगा। लेकिन जैसे ही जेवर उसके हाथ लगे, वो हवा हो गया और डॉक्टर को समझ आ गया कि ये पूरा फरेब था।

यही नहीं, भट्टा बाजार के एक कारोबारी को रिश्तेदारी का झांसा देकर करीब 3.5 लाख रुपये भी ऐंठ लिए। जब पीड़ितों को शक हुआ और वे उसके घर पहुंचे, तो दरवाजा बंद मिला—पूरा परिवार चंपत हो चुका था। मकान मालिक अधिवक्ता ने भी खुलासा किया कि आरोपी ने उनसे भी किश्तों में करीब 4.5 लाख रुपये ठग लिए।

पुलिस जांच में सामने आया है कि रोहित बाजपेयी कोई आम ठग नहीं, बल्कि प्रोफेशनल खिलाड़ी है, जो देश के कई शहरों बीकानेर, भुवनेश्वर, बनारस, गाजियाबाद और उज्जैन—में इसी तरह लोगों को अपना शिकार बना चुका है। कभी फर्जी टीटी, तो कभी अधिकारी बनकर उसने कई बार कानून को भी चकमा दिया। झांसी में वह नकली टीटी के रूप में पकड़ा भी जा चुका है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश में छापेमारी तेज कर दी गई है। लेकिन सवाल वही—आखिर कब तक ऐसे “ठगों का साम्राज्य” यूं ही चलता रहेगा?