Bihar Crime: राजस्व कर्मचारी साहेब बुरी तरह फंस गए, मोटेशन के नाम पर हो रही थी मोटी अवैध वसूली , रिश्वत लेते वीडियो वायरल

Bihar Crime: राजस्व विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है, जिसने सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच की खाई को उजागर कर दिया है।...

Sasaram Revenue Official Caught in Bribery
मोटेशन के नाम पर मोटी अवैध वसूली- फोटो : reporter

Bihar Crime: राजस्व विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है, जिसने सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच की खाई को उजागर कर दिया है।  कटिहार जिले से एक बार फिर राजस्व विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है, जिसने सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच की खाई को उजागर कर दिया है। मामला आजमनगर प्रखंड के पिंडाल पंचायत का बताया जा रहा है, जहां राजस्व कर्मचारी सुनील कुमार ठाकुर पर मोटेशन (दाखिल-खारिज) के नाम पर अवैध वसूली करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस पूरे घटनाक्रम का एक कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

जानकारी के अनुसार पीड़ित व्यक्ति का आरोप है कि उनसे जमीन के मोटेशन के नाम पर कई बार पैसे की मांग की गई और लगातार मानसिक व आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया गया। हद तो तब हो गई जब पीड़ित ने आरोप लगाया कि मजबूरी में उसने अपनी बकरी तक बेचकर रिश्वत की तीसरी किस्त दी। इसी दौरान उसने पूरी घटना को कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।

वीडियो सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है और लोगों में आक्रोश भी देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व विभाग में बिना “सेवा शुल्क” के कोई काम आगे नहीं बढ़ता, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

इस मामले पर जिला प्रशासन ने भी संज्ञान लिया है। जिलाधिकारी ने कहा है कि राज्य सरकार की “जीरो टॉलरेंस नीति” को जमीन पर सख्ती से लागू किया जा रहा है और ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो और शिकायत की जांच कराई जा रही है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि यह कोई पहला मामला नहीं है जब राजस्व विभाग पर इस तरह के गंभीर आरोप लगे हों। इससे पहले भी राज्य के विभिन्न जिलों से मोटेशन, दाखिल-खारिज और जमीन से जुड़े मामलों में रिश्वतखोरी की शिकायतें सामने आती रही हैं। यह स्थिति एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि जब भ्रष्टाचार रोकने के लिए सरकार लगातार सख्त कदमों की बात करती है, तो फिर जमीनी स्तर पर ऐसे मामले क्यों नहीं रुक पा रहे हैं।

यह घटना न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि आम जनता के विश्वास को भी गहरी चोट पहुंचाती है। अब निगाहें जिला प्रशासन की जांच और आने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या वास्तव में इस मामले में कोई ठोस कदम उठाया जाएगा या यह भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।

रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह